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मुख्यमंत्री का फर्जी आदेश दिखा राशन कार्ड फीडिंग के टेंडर के नाम पर 65 लाख की ठगी

Mon, 01 Feb 2021 01:44 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 01:44 AM IST
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65 lakhes fraud on the name of chief minister
लखनऊ। कंप्यूटर सेंटर व राशन कार्ड फीडिंग का टेंडर दिलाने के लिए जालसाजों ने मुख्यमंत्री के दस्तखत किया हुआ फर्जी पत्र जारी कर एक निजी कंपनी के मालिक से 65 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने चिनहट थाने में जाकर पुलिस के सामने जब सभी दस्तावेज रखे तो देखकर पुलिस भी चकरा गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों की तलाश कर रही है।
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चिनहट थाना प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के मुताबिक, विकल्पखंड निवासी अजय सिंह यादव टेक शाइफर कंसल्टिंग प्रा. लि. के नाम से फर्म चलाते हैं। अजय ने तहरीर दी है कि उनकेसाथ ठगी हुई। जालसाजों ने उनको कंप्यूटर सेंटर व राशन कार्ड फीडिंग का काम दिलाने के नाम पर 65 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद एक मुख्यमंत्री के नाम से जारी फर्जी पत्र भी थमा दिया जिसमें मुख्यमंत्री के फर्जी दस्तखत थे और काम देने का आदेश दिया गया था।
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अजय के मुताबिक, उनकी मुलाकात साल 2018 नवंबर में काम केसिलसिले में अब्दुल खालिक उर्फ प्रिंस से हुई थी। उसने सचिवालय के अधिकारियों से संबंध का हवाला देकर टेंडर दिलाने का झांसा दिया। इसकेबाद प्रिंस ने कंप्यूटर सेंटर का टेंडर दिलाने का बात कही। इसकेलिए प्रिंस ने सचिवालय के पिछड़ा वर्ग विभाग के सचिव के रूप में फसीहुज्जमा से मुलाकात कराई। फसीहुज्जमा ने बीस लाख रुपये देने के लिए कहा। अजय ने फसीहुज्जमा को 17 लाख रुपये दिए लेकिन काफी दिनों तक काम नहीं मिला। जब पूछताछ की तो टालमटोल करने लगे। इसी बीच 2019 मार्च में फसीहुज्जमा के तबादले की बात प्रिंस ने अजय से कही। बताया कि अब टेंडर नहीं मिल पाएगा। उसे दूसरा काम दिलाएगा।
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दूसरे टेंडर के लिए फिर ठगे रुपये
प्रिंस ने अजय को राशन कार्ड फीडिंग का दूसरा टेंडर दिलाने के लिए कहा। इसकेलिए अजय से 65 लाख रुपये मांगे और कहा कि पिछले 17 लाख रुपये इसी में समायोजित हो जाएंगे। यही नहीं मुख्यमंत्री केहस्ताक्षर किया हुआ एक पत्र भी दिखाया। इस पर अजय ने विश्वास करते हुए कुल 48 लाख रुपये और प्रिंस को दे दिए। काम न मिलने पर अजय ने शक होने पर तफ्तीश की तो पता चला कि फसीहुज्जमा नाम का सचिवालय में कोई व्यक्ति नहीं है। इसकेबाद अजय ने प्रिंस से पैसा वापस मांगा तो 65 लाख की तीन चेक फसीहुज्जमा ने दीं। जब न चेकों को भुगतान के लिए लगाया तो बाउंस हो गए। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं आरोपियों केबारे मे भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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