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Lucknow News: बिजलीघरों से हटाए गए 536 संविदाकर्मी फिर तैनात होंगे
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खुशी मनाते संविदा कर्मचारी।
लखनऊ। राजधानी के बिजलीघरों, लैब और कार्यालयों से हटाए गए 536 संविदा और आउटसोर्स कर्मियों की दोबारा नौकरी पर वापसी होगी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन और निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के बीच हुए समझौते के बाद आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश प्रदेशभर में लागू होगा। इसके तहत हटाए गए कर्मियों को दोबारा सेवा में लेने के निर्देश दिए गए हैं।
अमर उजाला ने तीन अक्तूबर से बिजलीघरों में 30 फीसदी आउटसोर्स और संविदा कर्मियों को हटाए जाने के मामले में ‘वर्टिकल व्यवस्था का झटका’ अभियान के तहत सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं। खबरों में बताया गया था कि कर्मचारियों की कमी से उपभोक्ता सेवाओं और राजस्व वसूली पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों की कमी के चलते प्रबंधन के प्रयासों के बावजूद बिजली की वसूली दर (थ्रू रेट) में सुधार नहीं हुआ और यह 10 फीसदी तक गिर गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ को वार्ता के लिए बुलाया। छह अक्तूबर को दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसमें हटाए गए संविदा कर्मियों को वापस लेने और अन्य समस्याओं के समाधान पर सहमति बनी। इसके बाद 10 अक्तूबर को आदेश जारी कर दिया गया।
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अमर उजाला को दिया धन्यवाद
कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद और प्रदेश महामंत्री देवेंद्र पांडेय ने रविवार को अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पांच अक्तूबर को प्रकाशित खबर ‘उपकेंद्रों में कम और अनुभवहीन कर्मी, बढ़े हादसे’ से प्रबंधन को कर्मचारियों की कमी के दुष्प्रभावों का एहसास हुआ। उन्होंने हटाए गए कर्मियों को वापस लेने के आदेश को सराहनीय कदम बताया। आदेश जारी होने की खुशी में रविवार को कर्मचारियों ने संगठन के पदाधिकारियों का सम्मान किया और मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।
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अमर उजाला ने तीन अक्तूबर से बिजलीघरों में 30 फीसदी आउटसोर्स और संविदा कर्मियों को हटाए जाने के मामले में ‘वर्टिकल व्यवस्था का झटका’ अभियान के तहत सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं। खबरों में बताया गया था कि कर्मचारियों की कमी से उपभोक्ता सेवाओं और राजस्व वसूली पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों की कमी के चलते प्रबंधन के प्रयासों के बावजूद बिजली की वसूली दर (थ्रू रेट) में सुधार नहीं हुआ और यह 10 फीसदी तक गिर गई थी।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ को वार्ता के लिए बुलाया। छह अक्तूबर को दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसमें हटाए गए संविदा कर्मियों को वापस लेने और अन्य समस्याओं के समाधान पर सहमति बनी। इसके बाद 10 अक्तूबर को आदेश जारी कर दिया गया।
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अमर उजाला को दिया धन्यवाद
कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद और प्रदेश महामंत्री देवेंद्र पांडेय ने रविवार को अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पांच अक्तूबर को प्रकाशित खबर ‘उपकेंद्रों में कम और अनुभवहीन कर्मी, बढ़े हादसे’ से प्रबंधन को कर्मचारियों की कमी के दुष्प्रभावों का एहसास हुआ। उन्होंने हटाए गए कर्मियों को वापस लेने के आदेश को सराहनीय कदम बताया। आदेश जारी होने की खुशी में रविवार को कर्मचारियों ने संगठन के पदाधिकारियों का सम्मान किया और मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।