UP News: STF ने खोली GST माफिया की पोल, 16 फर्में और 500 करोड़ टैक्स की चोरी; अब तक 8 धरे गए...कई रडार पर
यूपी में जीएसटी में बड़ा फर्जीवाड़ा खुला है। एक ही बैंक खाते से 16 फर्में चल रही थीं। 10 माह में 268 करोड़ का लेनदेन किया गया। एसटीएफ की जांच में मेरठ के गिरोह का खेल सामने आया। दिल्ली स्थित यस बैंक में खाता खुलवाकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश में 500 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले मेरठ के गिरोह का बड़ा खेल उजागर हुआ है। गिरोह ने यस बैंक के एक खाते से 16 फर्में लिंक करवा रखी थीं। मतलब एक ही बैंक खाते से इन फर्मों का लेनदेन हो रहा था। न बैंक ये खेल पकड़ पाया और न जीएसटी। एसटीएफ की जांच में अब इसका खुलासा हुआ है। इस खाते से दस माह में 268 करोड़ रुपये का लेनदेन होने के प्रमाण मिले हैं।
एसटीएफ की तफ्तीश में पता चला कि दिल्ली में यस बैंक की जनकपुरी शाखा में दिलशाद ने एक खाता खुलवाया था। बाद में इस खाते को अलग-अलग 16 फर्मों से जोड़ा गया। ये खाता जनवरी 2023 में खोला गया। इसमें जनवरी से 18 अक्तूबर 2023 तक 268 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। इसके बाद कोई लेनदेन नहीं किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लोगों का आईडी प्रूफ व पैन आदि दस्तावेज जुटाए। फिर किसी जिले के एक मकान का पता आदि निकालकर उसका फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाया। इन सभी दस्तावेजों के जरिये आरोपियों ने फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराया। पते के प्रमाण के रूप में लगाए गए बिजली बिल भी जांच में फर्जी पाए गए। पंजीयन में जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया उनमें से ज्यादातर के सिम प्री एक्टिवेटेड यानी फेक आईडी पर थे। एसटीएफ ने इन सभी सबूतों को जुटाया है। बता दें, इस मामले में आगरा में भी रिपोर्ट दर्ज है।
ये फर्में एक ही खाते से लिंक मिलीं
जीपी ट्रेडर्स, हर्ष ट्रेडर्स, इंदर इंटरप्राइजेज, पाल इंटरप्राइजेज, आरके इंटरप्राइजेज, एएस इंटरप्राइजेज, राहुल इंटरप्राइजेज, मार्शल इंपैक्स इंटरप्राइजेज, एके ट्रेडर्स, कुमार ट्रेडर्स, नेलशन ट्रेडर्स, पटेल इंटरप्राइजेज, दत्ता इंटरप्राइजेज, केएस इंटरप्राइजेज, एके इंटरप्राइजेज और विक्रम ट्रेडर्स फर्म हैं। इन सभी फर्मों का लेनदेन यश बैंक की जनकपुरी शाखा दिल्ली से हुआ है
यह है पूरा मामला
एसटीएफ ने बीते 26 दिसंबर को मेरठ के गिरोह का खुलासा कर दिलशाद, रमेश पटेल, अंकुर तिवारी, स्वतंत्र कुमार, मो. वसीम, सोहेल, जावेद और इकरामुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गिरोह बोगस फर्में बनाकर फर्जी बिल बनाकर जीएसटी चोरी करता था। अब तक की जांच में 500 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की पुष्टि हो चुकी है।
जांच में 16 फर्में एक खाते से लिंक पाई गईं। जांच में कई अन्य फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं। इनमें से कई को चिह्नित किया जा चुका है। मामले की तफ्तीश चल रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी। - प्रमेश शुक्ला, डीएसपी एसटीएफ