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UP News: प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें रह जा रही हैं खाली, तीन लाख सीटों पर आवेदन सवा लाख
Tue, 06 May 2025 01:45 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 06 May 2025 01:45 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में हर साल आधे से अधिक सीटें खाली रह जाती हैं। रोजगार की कमी और कम वेतन के कारण युवाओं का रुझान इंजीनियरिंग डिप्लोमा की ओर घट रहा है, तो अब सरकार पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाने पर ज़ोर दे रही है, जिससे युवाओं को बेहतर करियर विकल्प मिल सके।
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पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रति रुझान घटा। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
तकनीकी शिक्षा संस्थानों की चमक फीकी पड़ती जा रही है। पॉलीटेक्निक कॉलेजों में हर साल आधी से ज्यादा सीटें खाली रह जाती हैं। 2023 में 3 लाख सीटों के मुकाबले सिर्फ 89 हजार दाखिले हुए, जबकि 2024 में भी 1.15 लाख से ज्यादा ही दाखिले हो सके। तीन साल की इंजीनियरिंग पढ़ाई के बाद भी युवाओं को न तो सरकारी नौकरी की उपलब्धता है और न ही प्राइवेट कंपनियों में संतोषजनक वेतन।
राजकीय पॉलीटेक्निक में भी स्थिति अलग नहीं, जहां हर साल 1200 से ज्यादा छात्र पढ़ाई पूरी करते हैं, पर मुश्किल से 400-450 को ही रोजगार मिलता है। यही नहीं, कई युवा नौकरी छोड़ देते हैं क्योंकि योग्यता के अनुसार वेतन नहीं मिलता।
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इसी तरह आईटीआई संस्थानों में भी दाखिले घट रहे हैं। 2020 में जहां करीब 95 हजार छात्रों ने दाखिला लिया, वहीं 2023 में यह संख्या घटकर 1.05 लाख पर आ गई, जबकि सीटें लगभग स्थिर हैं।
प्रदेश भर के पॉलीटेक्निक में सीटें व प्रवेश की स्थिति
पॉलीटेक्निक में रोजगार परक शिक्षा देने पर जोर
हालात को सुधारने के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद के संयुक्त निदेशक विजय पाल सिंह बताया कि पॉलीटेक्निक पाठ्यक्रमों को रोजगार परक बनाने की कवायद तेज की जा रही है। तकनीकी, व्यावहारिक और कौशल शिक्षा पर फोकस करते हुए पाठ्यक्रमों में बदलाव लाए जा रहे हैं।
आईटीआई में भी अच्छी नहीं स्थिति
वर्ष मौजूद सीटें दाखिले
2020 120639 94804
2021 120275 102338
2022 119971 112714
2023 120967 105507
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राजकीय पॉलीटेक्निक में भी स्थिति अलग नहीं, जहां हर साल 1200 से ज्यादा छात्र पढ़ाई पूरी करते हैं, पर मुश्किल से 400-450 को ही रोजगार मिलता है। यही नहीं, कई युवा नौकरी छोड़ देते हैं क्योंकि योग्यता के अनुसार वेतन नहीं मिलता।
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इसी तरह आईटीआई संस्थानों में भी दाखिले घट रहे हैं। 2020 में जहां करीब 95 हजार छात्रों ने दाखिला लिया, वहीं 2023 में यह संख्या घटकर 1.05 लाख पर आ गई, जबकि सीटें लगभग स्थिर हैं।
प्रदेश भर के पॉलीटेक्निक में सीटें व प्रवेश की स्थिति
| वर्ष | सीटें | दाखिले |
| 2020 | 239155 | 124529 |
| 2021 | 235500 | 131618 |
| 2022 | 248388 | 134266 |
| 2023 | 300963 | 89340 |
| 2024 | 270785 | 115444 |
पॉलीटेक्निक में रोजगार परक शिक्षा देने पर जोर
हालात को सुधारने के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद के संयुक्त निदेशक विजय पाल सिंह बताया कि पॉलीटेक्निक पाठ्यक्रमों को रोजगार परक बनाने की कवायद तेज की जा रही है। तकनीकी, व्यावहारिक और कौशल शिक्षा पर फोकस करते हुए पाठ्यक्रमों में बदलाव लाए जा रहे हैं।
आईटीआई में भी अच्छी नहीं स्थिति
वर्ष मौजूद सीटें दाखिले
2020 120639 94804
2021 120275 102338
2022 119971 112714
2023 120967 105507
पॉलीटेक्निक में रोजगार परक शिक्षा देने पर जोर
हालात को सुधारने के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद के संयुक्त निदेशक विजय पाल सिंह बताया कि पॉलीटेक्निक पाठ्यक्रमों को रोजगार परक बनाने की कवायद तेज की जा रही है। तकनीकी, व्यावहारिक और कौशल शिक्षा पर फोकस करते हुए पाठ्यक्रमों में बदलाव लाए जा रहे हैं।
आईटीआई में भी अच्छी नहीं स्थिति
आईटीआई में भी अच्छी नहीं स्थिति
| वर्ष | सीटें | दाखिले |
| 2021 | 120639 | 94804 |
| 2022 | 120275 | 102338 |
| 2023 | 119971 | 112714 |
| 2024 | 120967 | 105507 |