यूपीः पुलिस विभाग में बढ़ाए जाएंगे 30 हजार नए पद
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के करीब 30 हजार पदों को बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इसके अंतर्गत दरोगा के लगभग 22 हजार, इंस्पेक्टर के 2500 और हेड कांस्टेबल के करीब 6000 पद बढ़ाए जा सकते हैं। इसके अलावा सरकारी विभागों व संस्थाओं में कार्यरत दिसंबर 2001 तक के संविदा, दैनिक व वर्कचार्ज कर्मियों को नियमित करने व कानपुर और वाराणसी में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि सूबे में जमाकर्ताओं का हित सुरक्षित बनाने के लिए संशोधित यूपी प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपाजिटर्स इन फाइनेंसियल स्टेबलिशमेंट एक्ट-2016 के मसौदे को मंजूरी देने के अलावा आठ सीटों से अधिक के कॉमर्शियल वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए ‘स्पीड गवर्नर’ अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है।
परिवहन विभाग ने नंबर पोर्टबिलिटी का रखा प्रस्ताव
परिवहन विभाग का नंबर पोर्टबिलिटी प्रस्ताव भी इस बैठक में रखा गया।50 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले उद्यमियों को घर बैठे रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं ऑनलाइन प्राप्त करने से जुड़ी प्रक्रिया को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई है।
सरकार ने 2012 में जिस तरह बड़े उद्योगों के लिए निवेश-नीति बनाई थी। इसी तरह सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमियों के लिए एमएसएमई नीति पर भी बात की गई।
भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने के लिए तैयार की गई गाइडलाइन और 40 लाख रुपये तक स्टॉक रखने वाले टेंट कारोबारियों के लिए वैट के विकल्प में समाधान योजना को भी बैठक में रखा गया।
इसके अलावा ऊसर भूमि सुधार योजना के तृतीय चरण में तीन नए जिलों के चयन और बीहड़ पाइलट प्रोग्राम के अंतर्गत 10 जिलों के चयन प्रस्ताव पर भी फैसले की संभावना है।
आशुलिपिक नियमावली में संशोधन कर जल्द पदोन्नति के अवसर देने से जुड़े प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। बताया जाता है कि कैबिनेट की बैठक में करीब 50 प्रस्तावों पर विचार की संभावना है।