{"_id":"68cf1b1645df32a1870ef47c","slug":"254-lakh-fraud-in-the-name-of-giving-land-lucknow-news-c-13-lko1070-1393087-2025-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: जमीन देने के नाम पर 2.54 लाख की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: जमीन देने के नाम पर 2.54 लाख की धोखाधड़ी
Sun, 21 Sep 2025 02:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 21 Sep 2025 02:52 AM IST
विज्ञापन
सरोजनीनगर। देवरिया जिले के खामपार स्थित बरईपार पांडेय निवासी घनश्याम पांडेय ने चिनहट के जेपी प्लाजा, देवा रोड निवासी रोली चौहान और सरोजनी नगर में स्कूटर इंडिया, कानपुर रोड स्थित लीड्स इन्फ्रा नामक कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। डीसीपी दक्षिणी के आदेश पर सरोजनी नगर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
घनश्याम पांडे के मुताबिक 14 जून 2015 को कंपनी की रोली चौहान से उन्नाव जिले के मकदूमपुर गांव, कानपुर रोड स्थित 1500 वर्गफीट का प्लॉट खरीदने का अनुबंध किया गया था। इसकी कुल कीमत 2.70 लाख रुपये तय हुई थी। घनश्याम का कहना है कि 28 सितंबर 2016 तक कंपनी के खाते में चेक के जरिये उन्होंने 2.54 लाख रुपये जमा कर दिए।
आरोप है कि शेष 15,997 रुपये जमा कराने के नाम पर कंपनी बार-बार रजिस्ट्री के लिए टालती रही। परेशान होकर जब पीड़ित कंपनी के कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला। जानकारी करने पर पता चला कि कंपनी कार्यालय बंद कर भाग गई और अब पालम स्टेट के नाम से चल रही है। घनश्याम का कहना है कि कंपनी समय-समय पर अपने डायरेक्टर बदलकर निवेशकों को गुमराह करती रही और अब पूरा कार्यालय ही गायब है। पीड़ित ने लीड्स इन्फ्रा व पालम स्टेट प्रोजेक्ट संचालकों पर छल-कपट व धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए डीसीपी दक्षिणी को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल डीसीपी दक्षिणी के आदेश पर सरोजनी नगर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घनश्याम पांडे के मुताबिक 14 जून 2015 को कंपनी की रोली चौहान से उन्नाव जिले के मकदूमपुर गांव, कानपुर रोड स्थित 1500 वर्गफीट का प्लॉट खरीदने का अनुबंध किया गया था। इसकी कुल कीमत 2.70 लाख रुपये तय हुई थी। घनश्याम का कहना है कि 28 सितंबर 2016 तक कंपनी के खाते में चेक के जरिये उन्होंने 2.54 लाख रुपये जमा कर दिए।
विज्ञापन
आरोप है कि शेष 15,997 रुपये जमा कराने के नाम पर कंपनी बार-बार रजिस्ट्री के लिए टालती रही। परेशान होकर जब पीड़ित कंपनी के कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला। जानकारी करने पर पता चला कि कंपनी कार्यालय बंद कर भाग गई और अब पालम स्टेट के नाम से चल रही है। घनश्याम का कहना है कि कंपनी समय-समय पर अपने डायरेक्टर बदलकर निवेशकों को गुमराह करती रही और अब पूरा कार्यालय ही गायब है। पीड़ित ने लीड्स इन्फ्रा व पालम स्टेट प्रोजेक्ट संचालकों पर छल-कपट व धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए डीसीपी दक्षिणी को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल डीसीपी दक्षिणी के आदेश पर सरोजनी नगर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन