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31 हजार करोड़ खर्च कर 20 हजार को दिया जाएगा रोजगार: सहगल
Thu, 24 Dec 2020 09:55 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 24 Dec 2020 09:55 PM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करते नवनीत सहगल
- फोटो : अमर उजाला
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योग्यता के आधार पर रोजगार देने के लक्ष्य को लेकर गुरुवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं लघु उद्योग डॉ. नवनीत सहगल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुआ कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य युवको को रोजगार के लिए दूसरे क्षेत्रो में भागना न पड़े। इसीलिए इसे विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया जहा छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सके। कहा कि आगामी दिनों में 31 हजार करोड़ खर्च कर 20 हजार लोगों को रोजगार देना है। कार्यशाला का आयोजन संस्था तालीम ओ तर्वियत, लघु उद्योग और अवध विश्वविद्यालय ने संयुक्त रुप से किया।
विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रमुख बैंकर्स, बैंक के प्रतिनिधि और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। श्री सहगल ने कहा कि वर्तमान सरकार में अनेक क्षेत्रों में व्यवसाय को बढ़ाने का कार्य किया है। इसमें प्राथमिकता है कि अपनी शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल, इन्टर या अन्य उच्च शिक्षा के आधार पर रोजगार उद्यम के लिए प्रेरित करना है।
जिससे रोजगार कलस्टर बने। आगामी दिनों में हमें 31 हजार करोड़ खर्च कर 20 हजार लोगों को रोजगार देना है। लगभग 4.37 लाख लघु उद्योग इकाइयों को 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी प्रकार चौर लोन मेलों के माध्यम से 6.47 लाख नई उद्योग इकाइयों के स्थापना में 20 हजार करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने हैदराबाद से आए संस्था के प्रमुख व उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद के पूर्व कुलपति जफर सरेशवाला का स्वागत किया। कहा कि उम्मीद है कि कार्यशाला/वर्कशाप से युवा पीढ़ी को लाभ होगा तथा उद्योग स्थापना में मदद मिलेगी।
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जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविशंकर सिंह ने अपर मुख्य सचिव का स्वागत किया। डीएम ने एक जनपद एक एक उत्पाद के बारे जानकारी दी। डीएम ने कहा कि कि युवक रोजगार प्राप्त करना चाहते है तो ऐसे कार्यशाला से लाभ लें तथा कौशल मिशन एवं अन्य जो कार्यक्रम चलाये जा रहे है उससे भी जुड़े। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि महिलाओं के गृह कार्य को उद्योग का दर्जा नहीं मिला है। घरेलू उद्योग पर आधारित महिलाओं के उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आना चाहिए।
केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव रूपीन्दर बरार ने कहा कि उद्योग से पर्यटन को जोड़कर, जिसमें छोटे छोटे खिलौने बनाने तथा संस्कृति पर आधारित कलाकृत करने और उनका पर्यटन क्षेत्रों में बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। अंत में कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने सरकार और संस्था प्रमुख को विवि में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। विभागों से लगाए गए उद्योग विभाग के एक जनपद , एक उत्पाद पर आधारित प्रदर्शनी स्टाल का अवलोकन किया गया।
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विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रमुख बैंकर्स, बैंक के प्रतिनिधि और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। श्री सहगल ने कहा कि वर्तमान सरकार में अनेक क्षेत्रों में व्यवसाय को बढ़ाने का कार्य किया है। इसमें प्राथमिकता है कि अपनी शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल, इन्टर या अन्य उच्च शिक्षा के आधार पर रोजगार उद्यम के लिए प्रेरित करना है।
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जिससे रोजगार कलस्टर बने। आगामी दिनों में हमें 31 हजार करोड़ खर्च कर 20 हजार लोगों को रोजगार देना है। लगभग 4.37 लाख लघु उद्योग इकाइयों को 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी प्रकार चौर लोन मेलों के माध्यम से 6.47 लाख नई उद्योग इकाइयों के स्थापना में 20 हजार करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने हैदराबाद से आए संस्था के प्रमुख व उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद के पूर्व कुलपति जफर सरेशवाला का स्वागत किया। कहा कि उम्मीद है कि कार्यशाला/वर्कशाप से युवा पीढ़ी को लाभ होगा तथा उद्योग स्थापना में मदद मिलेगी।
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जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविशंकर सिंह ने अपर मुख्य सचिव का स्वागत किया। डीएम ने एक जनपद एक एक उत्पाद के बारे जानकारी दी। डीएम ने कहा कि कि युवक रोजगार प्राप्त करना चाहते है तो ऐसे कार्यशाला से लाभ लें तथा कौशल मिशन एवं अन्य जो कार्यक्रम चलाये जा रहे है उससे भी जुड़े। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि महिलाओं के गृह कार्य को उद्योग का दर्जा नहीं मिला है। घरेलू उद्योग पर आधारित महिलाओं के उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आना चाहिए।
केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव रूपीन्दर बरार ने कहा कि उद्योग से पर्यटन को जोड़कर, जिसमें छोटे छोटे खिलौने बनाने तथा संस्कृति पर आधारित कलाकृत करने और उनका पर्यटन क्षेत्रों में बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। अंत में कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने सरकार और संस्था प्रमुख को विवि में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। विभागों से लगाए गए उद्योग विभाग के एक जनपद , एक उत्पाद पर आधारित प्रदर्शनी स्टाल का अवलोकन किया गया।