'100 दिन में नहीं किया जा सकता मूल्यांकन'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जिस प्रदेश ने भाजपा के सबसे ज्यादा सांसद जिताए, उसे बढ़कर क्या मिला?
क्या बिजली का कोटा बढ़कर मिला? क्या बिजलीघरों की कोयले की मात्रा बढ़ी? केंद्र सरकार सूबे को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराए ताकि यहां प्रस्तावित नए बिजलीघरों पर काम आगे बढ़ सके।
यहां विधान भवन के सामने बुधवार को पं. गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को अभी 100 दिन ही हुए हैं। इतने कम समय में सरकार का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। किसी भी सरकार को कम से छह महीने तो दिए ही जाने चाहिए।
दूसरे राज्यों को भी बिजली देगा यूपी
अखिलेश बोले, 'लोकसभा चुनाव के समय तमाम सवाल उठाए गए थे। कोलगेट और अन्य घोटालों का मामला उठा था। इस पर सरकार को विचार के लिए वक्त दिया भी जाना चाहिए लेकिन कोयले की कमी पर केंद्र सरकार को ध्यान देना चाहिए क्योंकि इससे बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है और राज्य सरकार लोगों को बिजली नहीं दे पा रही है।'
कुछ निजी कंपनियों द्वारा प्रदेश में बिजलीघर लगाने का प्रस्ताव वापस लिए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने कुछ कंपनियों के साथ एमओयू किए थे।
हम उनके एमओयू की मियाद इस आशा में बढ़ा रहे हैं कि केंद्र सरकार कोयला उपलब्ध करा देगी। कोयला नहीं मिलेगा तो बिजली उत्पादन नहीं होगा क्योंकि प्रदेश के ज्यादातर बिजलीघर कोयले पर ही आधारित हैं।
कोयले की कमी से बिजली का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जो कोयला आ भी रहा है वह भीगा है जिससे इकाइयां ठीक से नहीं चल पा रही हैं। जिन बिजलीघरों के लिए एमओयू हुए हैं उन्हें कोयला उपलब्ध करा दिया जाए तो प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ जाएगा। अपनी जरूरत पूरी करने के साथ-साथ यूपी दूसरे राज्यों को बिजली देने वाला प्रदेश भी बन जाएगा।