West UP News Live: हस्तिनापुर में बढ़ा कछुओं का कुनबा, सहारनपुर में तेंदुए की दहशत
गंगा को स्वच्छ करने के लिए सोमवार को बिजनौर बैराज से 101 कछुए के शावक नदी में छोड़े गए। वहीं नौचंदी क्षेत्र में आज सात घंटे बिजली गुल रहेगी। पढ़ें ताजा खबरें।
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आज और कल सात-सात घंटे गुल रहेगी बिजली
सोमवार को घंटाघर क्षेत्र में मरम्मत कार्य के चलते सुबह 11 बजे से 2 बजे तक बिजली नहीं रही। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा। इसके अलावा शाम 6 बजे से 8 बजे तक 11 केवी की लाइन में फाल्ट के कारण बिजली नहीं रही।
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इस दौरान समाज की ओर से आरक्षण की मांग को उठाया जाएगा। लगातार मांग के बावजूद उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है अब बड़े आंदोलन की तैयारी है। उन्होंने बताया कि बिजनौन समेत सभी तीनों जिलों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों से लोग शामिल होंगे। इसके बाद 20 नंवबर को दिल्ली के तालकटौरा स्टेडियम में राष्ट्रीय अधिवेशन होगा।
दिल्ली का कार्यक्रम भी फाइनल हो गया है। यहां हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे। इससे पूर्व मेरठ में एक बड़ी रैली होगी, जिसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे और जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
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गंगा को स्वच्छ करने के लिए सोमवार को बिजनौर बैराज से 101 कछुए के शावक नदी में छोड़े गए। विश्व प्रकृति निधि और वन विभाग के तत्वावधान में मेरी गंगा मेरी डॉल्फिन अभियान का शुभारंभ भी किया गया। अभियान का शुभारंभ डीएफओ मुजफ्फरनगर ने हरी झंडी दिखाकर किया। इसके बाद अभियान के पहले दिन मुख्य वन संरक्षक ने लोगों को डॉल्फिन गणना एवं उसके प्रति भीमकुंड गंगा पुल पर जागरूक किया।
बिजनौर बैराज पर मेरी गंगा मेरी डॉल्फिन अभियान 2023 की शुरुआत डीएफओ मुजफ्फरनगर कन्हैया पटेल द्वारा की गई। लगभग 40 किमी की दूरी तय कर टीम भीकुंड गंगा घाट पहुंची। इसके बाद हस्तिनापुर वन्य जीव विहार के बीच स्थित भीकुंड गंगा घाट पर लोगों को डॉल्फिन गणना और डॉल्फिन के प्रति जागरूक किया गया। विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ समन्वयक संजीव यादव ने बताया कि 2012 से मेरी गंगा मेरी डॉल्फिन अभियान चलाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को गंगा व डॉल्फिन के प्रति जागरूक करना व बिजनौर बैराज से नरौरा के मध्य डॉल्फिन का वितरण और उसके रहवास की जानकारी एकत्र करना है। वर्ष 2012 व 2015 में प्रदेश स्तर पर गंगा और उसकी सहायक नदियों में डॉल्फिन की गणना कराई गई थी। प्रतिवर्ष गणना में सुखद परिणाम आ रहे हैं और डॉल्फिन के कुनबे में वृद्धि हो रही है। मंगलवार को डाल्फिन गणना के लिए टीम भीकुंड घाट से आगे के लिए रवाना होगी।
गंगा में भीकुंड गंगा घाट पर एनके जानू व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारियों ने 101 कछुओं के शावक नदी में छोड़े गए। इन शावकों को सामाजिक वानिकी प्रशिक्षण केंद्र में बने तालाब में रखा गया था।