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हिंदी भारत की सबसे बड़ी संपर्क भाषा है : कुलपति
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एएमयू के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोलतीं कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून।
- फोटो : स्रोत : विवि
एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कहा कि हिंदी भारत की सबसे बड़ी संपर्क भाषा है। संवाद करते समय अपनी मातृभाषा के प्रयोग में किसी भी प्रकार का संकोच और हीन भावना का शिकार नहीं होना चाहिए।
सोमवार को वह राजभाषा (हिंदी) कार्यान्वयन समिति, एएमयू और हिंदी विभाग के सहयोग से कला संकाय में हिंदी दिवस पर हिंदी पखवाड़ा समारोह के उद्घाटन में बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक रस्मी आयोजन नहीं है, बल्कि अपनी परंपरा और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
मुख्य अतिथि भाषाविद प्रो. वीआर जगन्नाथन ने कहा कि हिंदी भारत की विभिन्न भाषाई विविधताओं के बावजूद एक सुदृढ़ भारतीय अस्मिता का प्रतिनिधित्व करती है। समिति के सचिव व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मेराज अहमद ने हिंदी को अपनी आत्मा की भाषा बताया।
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जापान के ओसाका विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा एवं साहित्य में स्नातकोत्तर की छात्रा हाना नोहारा ने हिंदी के प्रति अपना लगाव और हिंदी सीखने के अनुभव साझा किए। संचालन प्रो. शंभुनाथ तिवारी ने किया।
इस अवसर पर प्रो. अब्दुल अलीम, प्रो. आशिक अली, प्रो. रिजवान खान, अजय बिसारिया, हिंदी पखवाड़ा के संयोजक असदुल्लाह खान आदि मौजूद रहे।
इधर, डीएस कॉलेज में हिंदी दिवस मनाया गया। हिंदी विभाग की प्रभारी प्रो. वेदवती राठी ने कहा कि हिंदी बोलने और समझने वालों की कुल संख्या 62 करोड़ है। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार भारद्वाज, प्रो. एचएन सिंह, प्रो. हरीश शर्मा आदि मौजूद रहे। एसवी कॉलेज में हिंदी दिवस पर निबंध प्रतियोगिता हुई। इस मौके पर प्रो. शशिबाला त्रिवेदी, डॉ. रवेंद्र राजपूत, प्रो. सुधा राजपूत, डॉ. अभय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
टीकाराम कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि साहित्य हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. लकी गुप्ता, इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजयवर्धन आचार्य, विभाग की प्रभारी प्रो. मिश्कात आबिदी, डॉ. जगवती, डॉ. अंजू सिंह पटेल, डॉ. सुचेता शर्मा आदि मौजूद रहीं।
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सोमवार को वह राजभाषा (हिंदी) कार्यान्वयन समिति, एएमयू और हिंदी विभाग के सहयोग से कला संकाय में हिंदी दिवस पर हिंदी पखवाड़ा समारोह के उद्घाटन में बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक रस्मी आयोजन नहीं है, बल्कि अपनी परंपरा और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
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मुख्य अतिथि भाषाविद प्रो. वीआर जगन्नाथन ने कहा कि हिंदी भारत की विभिन्न भाषाई विविधताओं के बावजूद एक सुदृढ़ भारतीय अस्मिता का प्रतिनिधित्व करती है। समिति के सचिव व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मेराज अहमद ने हिंदी को अपनी आत्मा की भाषा बताया।
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जापान के ओसाका विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा एवं साहित्य में स्नातकोत्तर की छात्रा हाना नोहारा ने हिंदी के प्रति अपना लगाव और हिंदी सीखने के अनुभव साझा किए। संचालन प्रो. शंभुनाथ तिवारी ने किया।
इस अवसर पर प्रो. अब्दुल अलीम, प्रो. आशिक अली, प्रो. रिजवान खान, अजय बिसारिया, हिंदी पखवाड़ा के संयोजक असदुल्लाह खान आदि मौजूद रहे।
इधर, डीएस कॉलेज में हिंदी दिवस मनाया गया। हिंदी विभाग की प्रभारी प्रो. वेदवती राठी ने कहा कि हिंदी बोलने और समझने वालों की कुल संख्या 62 करोड़ है। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार भारद्वाज, प्रो. एचएन सिंह, प्रो. हरीश शर्मा आदि मौजूद रहे। एसवी कॉलेज में हिंदी दिवस पर निबंध प्रतियोगिता हुई। इस मौके पर प्रो. शशिबाला त्रिवेदी, डॉ. रवेंद्र राजपूत, प्रो. सुधा राजपूत, डॉ. अभय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
टीकाराम कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि साहित्य हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. लकी गुप्ता, इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजयवर्धन आचार्य, विभाग की प्रभारी प्रो. मिश्कात आबिदी, डॉ. जगवती, डॉ. अंजू सिंह पटेल, डॉ. सुचेता शर्मा आदि मौजूद रहीं।