06:24 PM, 18-May-2026
सोशल मीडिया पर लोग अच्छी-अच्छी बातें दिखाते हैं। आप गांव के खेत-खलिहान सब दिखाते हैं। आप इसे कैसे देखते हैं?
सक्सेस का फॉर्मूला सबके लिए अलग-अलग होता है। कोई करोड़ में भी दुखी है। कोई कुछ न होने पर भी ऐसे मुस्कुरा रहा है कि जैसे कहीं का राजा है। खुशी के स्टैंडर्ड को आप किसी से जोड़ नहीं सकते। जड़ों से जुड़े होने का मुझे यह लगता है कि अगर आपको ये नहीं पता कि आप कहां से आए हैं, तो आप कहां जा रहे हैं इसका कोई फायदा नहीं है। मुझे 25 साल मुंबई में हो गए। लेकिन, कोई पूछता है कि कहां से हो तो कहता हूं कि जसिया से हूं, रोहतक।
06:19 PM, 18-May-2026
यूपी में सभी महसूस करते हैं बदलाव: रणदीप हुड्डा
मेरे एक को-स्टार थे। उनको कोई गांव में बड़ा तंग कर रहा था, उनके भाइयों को पीट दिया था। मैंने खाली एक ट्वीट किया था और यूपी पुलिस को टैग किया था। घंटों के अंदर परेशान करने वालों को ऐसा सीधा कर दिया कि वो कभी तंग करने नहीं आए। मेरे हिसाब से यूपी में यह बदलाव महसूस करते हैं सब।
06:14 PM, 18-May-2026
यूपी में कितना बदलाव हुआ है पिछले कुछ वर्षों में?
मैं यहां पर एक ऑब्जर्वेशन नहीं दे सकता हूं। मैं तो अपने दोस्तों और परिवार के लोगों से कही सुनी बाते हैं वही बता सकता हूं। यूपी अब बहुत सेफ हो गया है। महिलाएं आसानी से मूव कर सकती हैं। क्राइम खत्म हो गया है।
06:08 PM, 18-May-2026
यह किरदार कितना मुश्किल था?
कोई भी कहानी हो। जीवित या चल बसे शख्स पर बायोपिक हो...यह उनकी पूरी जिंदगी होती है, जो वह बहुत वर्षों तक जीते हैं। उसे जब आप ओटीटी या बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश करते हैं तो आपको कहानी दो-तीन घंटे में दिखानी होती है। 40 साल की कहानी को आप दो घंटे में कैसे दिखाएंगे? ऐसे में आप उनकी जिंदगी के सबसे बड़े मकसद को लेकर सबसे बड़ा ब्रिज बनाते हैं। आप 30-40 साल की फिल्म तो नहीं बना पाते। हमारी जिंदगी में हम हमेशा तो कुछ जरूरी नहीं करते। अब तो फोन में ज्यादा लगे रहते हैं। पहले झक मारना भी एक हॉबी होती थी, जिसे अब सब भूलते जा रहे हैं।
06:05 PM, 18-May-2026
'हम झेलते नहीं हैं, पेलते हैं': अभिनेता रणदीप हुड्डा
अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश को लेकर बताते हुए कहा, मैंने इसमें इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा का किरदार किया है। हमने बहुत ही एंटरटेनिंग सीरीज बनाई है। हरियाणा में बोलते हैं, हम झेल्या ना करें, पैला करैं। इंस्पेक्टर अविनाश कहेंगे। हम झेलते नहीं हैं, पेलते हैं'।
06:03 PM, 18-May-2026
'संवाद' के मंच पर अभिनेता रणदीप हुड्डा
'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' के मंच पर बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा पहुंच गए हैं। उनके साथ 'सपनों से स्टारडम तक' विषय पर चर्चा हो रही है।
05:58 PM, 18-May-2026
आप बेटी की मां हैं? आप उसे क्या सिखाना चाहेंगी?
मैं अपनी बेटी को बताऊंगी कि तुम अन्नपूर्णा हो पर शक्ति भी हो। काली का चित्र बेटी को दिखाऊंगी, जिसमें महिषासुर का सिर उनके हाथ में है। ऐसी देवी आपको कहीं नहीं मिलेगी, हिंदुस्तान के अलावा। मेरी प्रेरणा मां काली हैं। मैं अपनी बेटी को भी यह सिखाऊंगी। सिर्फ बेटी की मां नहीं, बेटों की भी। मैं चाहूंगी कि एक दिन ऐसा आए कि जो रेप पीड़िता का नाम हम छिपाते हैं, उनकी गलती थी क्या? आदमियों का नाम ब्लर करना चाहिए।
05:57 PM, 18-May-2026
कभी जर्नलिस्ट बनने की चाहत थी?
क्या ऋचा हमेशा से अभिनेत्री बनना चाहती थीं? इस पर ऋचा ने कहा, 'बनना तो चाहती थी पर मुझे पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था। मैं जर्नलिस्ट भी बनना चाहती थी। मेरी हिंदी-इंग्लिश दोनों बहुत अच्छी थी। म्यूजिक में भी रुचि थी। एक्टिंग का शौक था। फिर यह रुचि, ऋचा पर हावी हो गई और मैंने अपना करियर पथ चुना।'
05:41 PM, 18-May-2026
क्या आपने रिस्क भी लिया है कभी? शुरुआती दौर कैसा था?
कभी-कभी लगता था कि मैं ज्यादा पढ़ गई। मैं ज्यादा फेमिनिस्ट हो गई। शुरुआत में मेरा बहुत स्ट्रगल रहा। मैं कोई दुख की ऐसी कहानी आपके साथ नहीं साझा करना चाहती कि मैं रेलवे स्टेशन पर सोई। मैंने स्ट्रगल का बहुत स्वाद लिया। यही सोचा कि जब मेरे पास फेम और पैसा आ जाएगा तो यह संघर्ष के दिन मुझे कितने याद आएंगे। ऊपर वाला बहुत कृपालु रहा।
05:35 PM, 18-May-2026
बेबाक होना इस इंडस्ट्री में कितना जरूरी है?
सच सूर्य की तरह है। सच का अमर उजाला होता है। आज नहीं तो कल। मेरी कोशिश रहती है कि मैं सच्ची रहूं। जो भी सच बोलता है, उसे भुगतना पड़ता है। लेकिन, यह कीमत मैं भुगतान करने को तैयार हूं।