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लखनऊ: बदायूं से वांछित दो इनामी अपराधी कृष्णानगर इलाके से गिरफ्तार, 50-50 हजार के हैं इनामी
Tue, 08 Sep 2026 10:48 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 08 Sep 2026 10:48 PM IST
सार
आरोपी अपनी चिटफंड कंपनियों में हजारों की संख्या में लोगों का पैसा निवेश कराकर वापस नहीं दिया और फरार हो गए। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने लगी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी एसटीएफ ने बदायूं से वांछित दो इनामी अपराधियों शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को सोमवार को राजधानी के कृष्णानगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। दोनों बरेली के बारादरी इलाके के निवासी हैं। उनके खिलाफ बीते एक साल में बरेली और बदायूं में धोखाधड़ी से संबंधित नौ एफआईआर दर्ज हुई थीं जिसके बाद एसटीएफ उन्हें तलाश रही थी।
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एसटीएफ की नोएडा यूनिट के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि डिप्टी एसपी नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने दोनों को सोमवार शाम कृष्णानगर थाना क्षेत्र के मानस नगर से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि शशिकांत ने वर्ष 1988 में बदायूं के मोहल्ला जालंधरी सराय में किराने की दुकान खोली थी।
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वर्ष 2005 के बाद उसने लायंस हाउसिंग, फाइनेंस एंड लीजिंग कंपनी में फील्ड एजेंट के रूप में काम किया। उसके बाद अपनी निजी कंपनी अमर ज्योति हायर परचेज खोली, जो शेयर खरीदने व बेचने तथा निजी लोन देने का कार्य करती थी। वह आमजन से शेयर खरीदने के नाम पर निवेश कराकर लोन देता था। इसके बाद वर्ष 2016 में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नामक कंपनी बनाई जो लोगों को कम समय में धन को दुगना करने का लालच देती थी। उसने अपनी कंपनियों का कार्यालय बरेली और बदायूं में खोला था।
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उन्होंने अपनी चिटफंड कंपनियों में हजारों की संख्या में लोगों का पैसा निवेश कराकर वापस नहीं दिया और फरार हो गए। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने लगी। वह बचने के लिए कुछ दिन दिल्ली में छिपे रहे। इसके बाद राजधानी के मानसनगर में अपना ठिकाना बना लिया।