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झारखण्ड

रविवार, 29 मार्च 2020

झारखंड: डिप्टी कमिश्नर ने सरकारी अस्पताल में दिया बच्चे को जन्म, सीएम ने की तारीफ

झारखंड में एक आईएएस अधिकारी ने सरकारी अस्पताल में अपने दूसरे बच्चे को जन्म देकर एक पहल की है। यह अधिकारी झारखंड के गोड्डा में तैनात हैं और उनका नाम किरण पासी है। गोड्डा रांची से 320 किलोमीटर उत्तर पूर्व में है। उन्होंने अपने पहले बच्चे को लखनऊ के निजी अस्पताल में जन्म दिया था।  

कमिश्नर ने रविवार को सुबह 9.51 बजे सी सेक्शन के जरिए बेटे को जन्म दिया। उनके इस कदम की सराहना अस्पताल के डॉक्टर्स, राज्य अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक ने की है। पासी को फिलहाल निगरानी में रखा गया है। गोड्डा के सिविल सर्जन शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा, 'यह जल्दबाजी में नहीं बल्कि पूरी तरह से सोचा-समझा गया फैसला था। पासी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं और इससे सरकारी सेवाओं में लोगों का विश्वास और बढ़ेगा।'
 


डिप्टी कमिश्नर के इस फैसले की तारीफ करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर लिखा, 'राज्य की स्वास्थ्य सुविधाएं सक्षम हैं, यह दिखाने के लिए आपका प्रयास प्रशंसनीय है।' वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने लिखा, 'यह सिर्फ एक समाचार नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया है।'

झारखंड के प्रधान स्वास्थ्य सचिव, नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा, 'हर किसी को इस बात की तारीफ करनी चाहिए कि उन्हें प्रणाली में विश्वास है। लोग इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि वह डिप्टी कमिश्नर हैं लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि समग्र प्रणाली में सुधार हुआ है और इलाज करने में सक्षम है।'

मिश्रा का कहना है कि पासी के पति ने उनके इस फैसले का समर्थन किया था। सरकारी सेवाओं में उनके विश्वास के कारण ही उन्होंने इसका चुनाव किया। मिश्रा ने कहा, 'मैंने डिप्टी कमिश्नर से 20 दिन पहले मुलाकात की थी। हमने उनके मन में सरकारी अस्पताल के प्रति विश्वास पैदा किया और वह रविवार सुबह 6 बजे अस्पताल पहुंची जिसके बाद महिला डॉक्टरों की एक टीम ने उनका ऑपरेशन किया।'
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लॉ छात्रा दुष्कर्म कांड: 11 आरोपियों को कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा, ताउम्र जेल में रहेंगे दोषी

झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने सोमवार को दोषियों को जिंदगीभर जेल में रहने की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। 

न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत ने इस सामूहिक दुष्कर्म कांड को जघन्य अपराध माना है। आजीवन कारावास के साथ ही कोर्ट ने दोषियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। इस अपराध में एक आरोपी नाबालिग है, जिसकी सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चल रही है। गौरतलब हो कि यह घटना पिछले साल नवंबर महीने में हुई थी, जब आरोपियों ने बंदूक की नोक पर छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। 

प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत ने आरोपियों को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और आपराधिक षडयंत्र रचने के इस मामले में कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि उरांव को आरोपी ठहराया था। दोषी करार दिए जाने के बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए दो मार्च की तारीख तय की गई थी। 

इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए छह जनवरी को आरोप तय किया गया और सात से 12 जनवरी तक गवाही हुई। इस जघन्य मामले में कुल 21 लोगों ने अपने बयान दर्ज करवाएं। बहस के बाद कोर्ट ने 26 फरवरी को आरोपियों को दोषी करार दिया था। 

ये था मामला...
गौरतलब हो कि रांची स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा ने घटना के अगले दिन 27 नवंबर को पुलिस में केस दर्ज करवाया था। पीड़ित छात्रा ने कहा था कि वह विश्वविद्यालय परिसर से लगभग चार किलोमीटर दूर संग्रामपुर गांव के पास रिंग रोड पर शाम लगभग साढ़े पांच बजे जब बीआइटी मेसरा के अपने एक पुरुष मित्र से बात कर रही थी तभी बाइक सवार दो बदमाश आए और उसके दोस्त की पिटाई कर पिस्तौल की नोक पर उसे बाइक पर बिठा पास के ईंट-भट्टे की तरफ ले जाने लगे। 

पीड़िता ने बताया कि लेकिन रास्ते में बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया जिसके बाद आरोपियों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को गाड़ी लेकर बुलाया और फिर कार से वे सभी छात्रा को लेकर ईंट भट्टे पर पहुंचे और सभी ने बारी-बारी छात्रा से दुष्कर्म किया।

उसने बताया था कि अपराधियों ने रात 10 बजे छात्रा और उसकी स्कूटी को संग्रामपुर पुल के पास छोड़ दिया। पूरी घटना के दौरान तीन युवक छात्रा के दोस्त को घेरे रहे और उसे धमकाते रहे कि शोर मचाने पर जान से मार देंगे। 

पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि आरोपियों ने अपने जुर्म कबूल लिया और उनकी निशानदेही पर अपराध में उपयोग की गई कार, बाइक, पिस्तौल, कट्टा गोलियां, आठ मोबाइल फोन आदि बरामद कर लिए गए। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में भी 12 लोगों के शामिल होने की पुष्टि हुई।
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भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद झारखंड विधानसभा की कार्यवाही स्थगित

झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को बजट सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायकों के हंगामे के कारण दो बार स्थगित करनी पड़ी। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय में हो रही देरी के खिलाफ पार्टी विधायकों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही सिर्फ 15 मिनट ही चल सकी। इस दौरान सत्ता पक्ष ने जहां वर्तमान वित्तीय वर्ष की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में पेश की और तृतीय अनुपूरक बजट मांगों पर चर्चा प्रारंभ कराई।

बजट सत्र के दूसरे दिन आज पूर्वान्ह्र ग्यारह बजे जैसे ही कार्यवाही प्रारंभ हुई तो मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और अपने विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता घोषित करने की मांग करने लगे।

भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के दबाव में वह बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता नहीं घोषित कर रहे हैं। भाजपा ने इस मामले में न्याय शीघ्र किए जाने की मांग की।

भाजपा विधायकों को विधानसभाध्यक्ष महतो ने समझाने की कोशिश की और कहा कि उनके साथ न्याय होगा लेकिन न्याय की प्रक्रिया है जिसमें कुछ समय लगेगा जिसकी सभी को प्रतीक्षा करनी होगी।

इस पर भाजपा के विधायक नारेबाजी करने लगे जिसके चलते सदन की कार्यवाही महतो ने अपराह्र साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बाद में साढ़े बारह बजे एक बार फिर सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने पर भाजपा विधायकों ने अपना विरोध जारी रखा और बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता घोषित किए जाने की मांग की।

उनकी नारेबाजी के बीच ही विधानसभाध्यक्ष महतो वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव को वित्तीय वर्ष 2019-20 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखने को कहा। हंगामे के बीच ही उन्होंने सदन के पटल पर यह रिपोर्ट रखी और सदन से ध्वनिमत से इसके वितरण पर सहमति ले ली गई।
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झारखंड: चोरी के आरोप में भीड़ ने की एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या

झारखंड के दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के केन्दुआ गांव में गुरुवार रात चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने प्रमोद हाजरा नामक 40 वर्षीय एक व्यक्ति की लाठी-डंडे से पीट कर हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक वाई. एस. रमेश ने बताया कि उस गांव में कुछ लोग चोरी की नीयत से एक घर में घुसे थे। चोरी कर भागते समय उनमें से एक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। 

सूचना पर जब तक पुलिस गांव पहुंची तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। रमेश ने बताया कि भीड़ हिंसा का शिकार हुए प्रमोद हाजरा पर बिहार और झारखण्ड में चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वह एक अन्तरराज्यीय कुख्यात अपराधी था। दुमका पुलिस को भी उसकी तलाश थी। वह बिहार के बांका जिलान्तर्गत बौंसी थाना क्षेत्र के अम्बातरी गांव का निवासी था परन्तु वह अपने ससुराल सरैयाहाट थानाक्षेत्र के सुमेता गांव में रहता था।

उन्होंने बताया कि जिसके घर में वह चोरी करने गया था उस घर के स्वामी के आवेदन पर चोरी, और मृतक की पत्नी कंचन देवी के आवेदन पर अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार प्रमोद हाजरा अपने 3-4 साथियों के साथ उस घर से सामान और नगदी लेकर भाग रहा था। शोर मचाने पर भाग रहे चोरों में से एक को ग्रामीणों ने पकड़ कर मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गयी।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

कोरोना: आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉक्टर दंपती ने दिया इस्तीफा

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। भारत को पूरी तरह से 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। इस बीच झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के एक सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर दंपती ने नौकरी से इसलिए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उसकी ड्यूटी कोरोना वायरस के आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक डॉक्टर ने अपनी पत्नी के साथ व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से इस बारे में बताया और बाद में ईमेल भी किया।

पश्चिम सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ. मंजू दुबे ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने डॉ. आलोक तिर्की को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी के निर्देश पर उन्हें तुरंत ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है।

डॉ. मंजू ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव के निर्देश के अनुसार मैंने डॉ. तिर्की से 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। अन्यथा झारखंड महामारी रोग (कोविड -19) विनियमन -2020 और महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

अगर वो तत्काल अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं आते हैं तो उनका पंजीकरण मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा निरस्त भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. तिर्की का इस्तीफा मुझे सोमवार की रात को व्हाट्सएप पर और मंगलवार की सुबह ईमेल पर मिला।

किसी डॉक्टर ने नहीं ली है छुट्टी
वह पहले जिला खनिज निधि ट्रस्ट के तहत जिले में थे, लेकिन नव-निर्मित दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने डीएमसीएच से भी इस्तीफा दे दिया था और कुछ दिन पहले ही यहां के सदर अस्पताल को ज्वाइन किया था।

तीन दिन पहले उन्हें कोरोनो वायरस के आइसोलेशन वार्ड में उन्हें तैनात किया गया था। डॉ. दुबे ने कहा कि तिर्की दंपती के अलावा सदर अस्पताल के अन्य 23 डॉक्टरों में से किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है और ना ही अब तक किसी ने भी छुट्टी मांगी है। डॉ. तिर्की एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि डॉ. तिर्की ने अपने त्याग पत्र में अपनी पत्नी डॉ सौम्या की स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया है। डॉ. तिर्की एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं।
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झारखंड: लड़की से दुष्कर्म करने पर कोर्ट ने नाबालिग को सुनाई 20 साल की सजा

झारखंड के बोकारो की विशेष अदालत ने एक 17 वर्षीय नाबालिग को अपने से एक साल छोटी लड़की से दुष्कर्म के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार झा ने मंगलवार को बताया कि पोक्सो एक्ट के तहत सोमवार को चिल्ड्रन कोर्ट ऑफ सेशन के जज रंजीत कुमार ने आदेश की घोषणा करते हुए आरोपी को दोषी माना और उस पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अभियोजक ने बताया कि जुर्माने के भुगतान में चूक होने पर दोषी को जेल में एक अतिरिक्त महीना भी गुजरना पड़ेगा। 17 वर्षीय ने आरोपी ने पिछले साल अप्रैल में जिले के चंदनकियारी इलाके में एक खाली घर में लड़की के साथ दुष्कर्म किया था।

पीड़ित के परिवार ने एक प्राथमिकी दर्ज की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- जिसने भी मेरे साथ बुरा किया, वह मर गया या जेल गया

एम एस धोनी
झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में अनुष्ठान करने से रोके जाने पर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह चौथी बार है, जब मुझे रोका गया है। मैंने पिछले 11 सालों में देखा है कि जिसने भी मेरे साथ गलत किया है वह जेल चला गया है या उसकी मौत हो गई है। 

बताया गया है कि शिवरात्रि के दिन सांसद निशिकांत दुबे देवघर के वैद्यनाथ धाम में दर्शन के लिए गए थे, जहां उन्होंने अपने समर्थकों के साथ निकास द्वार से प्रवेश किया था। जिसको लेकर सासंद और धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर से उनकी कहासुनी हुई थी। बातचीत के बाद दोनों के बीच विवाद को सुलझाया गया। 

इसके बाद शनिवार को सांसद एक बार फिर धाम में पूजा अर्चना करने पहुंचे, जहां उन्हें अनुष्ठान करने से रोका गया। इस पर झल्लाए सांसद ने कहा कि यह चौथी बार है जब मुझे देवघर में अनुष्ठान करने से रोका गया है। मैंने पिछले 11 साल में देखा हैं कि जिसने भी मेरे साथ गलत करने की कोशिश की है वह जेल गया है। उस पर हत्या का आरोप लगा, उसकी असमय मौत हो गई या दुर्घटना हो गई है। 




सांसद ने आरोप लगाया कि शनिवार को बिहार के पूर्व सांसद पप्पू यादव भी अपने लाव लश्कर के साथ मंदिर के निकास द्वार से प्रवेश किया, लेकिन किसी के भी द्वारा उन्हें नहीं रोका गया। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव रोकने के लिए वहां पर न ही धर्मरक्षिणी सभा का कोई पदाधिकारी था न ही प्रशासन के पदाधिकारी।

लेकिन, शिवरात्रि के दिन उनके साथ निकास द्वार से प्रवेश करने पर भारी विरोध जताया गया था। निशिकांत दुबे ने धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष एवं प्रशासन से सवाल किया है कि वे किस प्रकार पूजा करें, इसका जवाब उन्हें दें। एक माह के अंदर अगर उन्हें जवाब नहीं मिलता है, तो वे मंदिर ट्रस्ट से अपना इस्तीफा देकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
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प्रयागराज में जिलाधिकारी की कार में पिंक बस ने मारी टक्कर, चालक गंभीर रूप से घायल

लौकी, बैंगन सहित कई सब्जियां लेकर होली की बधाई देने रिम्स पहुंचे लालू यादव के प्रशंसक

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया लालू प्रसाद यादव के प्रशंसक उन्हें होली की बधाई देने रांची स्थित रिम्स अस्पताल के पेइंग वार्ड पहुंचे। लालू के प्रशंसक उनके लिए लौकी, धनिया, बैंगन सहित कई तरह के सब्जियों को लेकर अस्पताल पहुंचे। 





वहीं, इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को रांची के रिम्स अस्पताल से किसी दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित नहीं किया जाने का फैसला किया गया था। रिम्स मेडिकल बोर्ड ने एक बैठक के बाद कहा था कि उन्हें रिम्स में बेहतर इलाज मिल रहा है इसलिए उन्हें यहां से किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा। 

रिम्स की मेडिकल बोर्ड ने 12 गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद यह फैसला लिया था। लालू को किडनी की गंभीर बीमारी होने के चलते एक विशेषज्ञ नेफ्रालॉजिस्ट से मदद ली जाने वाली थी। रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक विवेक कश्यप ने कहा था कि मेडिकल बोर्ड ने लालू की रिपोर्ट की गहन जांच की थी। उनके इलाज, प्रोटोकॉल देखने के बाद बोर्ड इस नतीजे पर पहुंचा कि उन्हें सही इलाज दिया जा रहा है। 

बता दें कि लालू के मुख्यमंत्री रहने के दौरान पशुपालन विभाग में 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का चारा घोटाला किया गया था। अभी तक इस घोटाले से जुड़े चार मामलों में कोषागार से फर्जी धन निकासी के दोष में लालू को सजा घोषित हो चुकी है। इनमें दो मामले चाईबासा कोषागार के हैं, जबकि एक-एक मामला दुमका व देवघर कोषागार का है।

हालांकि चाईबासा और देवघर के एक-एक मामले में लालू को जमानत मिल चुकी है। उन पर दोरांदा कोषागार से जुड़े पांचवां मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई जारी है। दिसंबर, 2017 से जेल में बंद लालू फिलहाल रांची में राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में इलाज करा रहे हैं।
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झारखंडः सीएम सोरेन ने चेताया- सद्भावना बिगाड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

चुनाव आयोग ने मरांडी की पार्टी का भाजपा में विलय को दी मंजूरी

चुनाव आयोग ने झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) का भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम-पी का औपचारिक तौर पर बीते माह ही भाजपा में विलय हो गया था। आयोग का यह आदेश शुक्रवार को जारी हुआ था। जेवीएम-पी को अभी तक राज्य पार्टी का दर्जा प्राप्त था। हालांकि, पार्टी का चुनाव चिह्न कंघा अगले आदेश तक बना रहेगा।

इससे पहले, झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी को 24 फरवरी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके बाद भाजपा ने विधानसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल होने के नाते मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने की विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा की।

हाल ही में भाजपा में अपने दल झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का विलय करने वाले मरांडी को केंद्रीय पर्यवेक्षक और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव की उपस्थिति में सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया।

इसके बाद राव ने रांची में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के विधायकों की बैठक हुई, जिसमें एक आपराधिक मामले में भूमिगत चल रहे बाघमारा के विधायक ढुल्लू महतो को छोड़कर अन्य सभी 25 नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित थे। बैठक में मरांडी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
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झारखंड: भाजपा विधायक के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट तैयार

भाजपा विधायक ढुल्लू महतो के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने इसकी सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति एके चौधरी की पीठ ने सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार करते हुए विधायक ढुल्लू महतो को नोटिस जारी किया है।

हाल के चुनाव में बाघमारा से कांग्रेस के प्रत्याशी जलेश्वर महतो ने अदालत में अर्जी देकर ढुल्लू के निर्वाचन को चुनौती दी है। उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ढुल्लू का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है। इस बीच एक अन्य मामले में ढुल्लू महतो की मुश्किलें बढ़ सकती है क्योंकि बलात्कार से जुड़े इस मामले की सुनवाई रांची अदालत में स्थानांतरित करने की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने अदालत में अर्जी दी है। याचिका अधिवक्ता राजीव कुमार ने दाखिल की है।

उन्होंने बताया कि धनबाद की रहने वाली एक महिला ने विधायक ढुल्लू महतो पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। याचिका में इसी मामले को रांची अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की है। कहा गया है कि विधायक ढुल्लू महतो का उस क्षेत्र में दबदबा है। ऐसे में इस मामले से जुड़े गवाहों को वह प्रभावित कर सकते हैं। महिला पर भी मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और धमकी दी जा रही है। ढुल्लू महतो के खिलाफ 28 मामले लंबित हैं।

इस बीच धनबाद में कथित मारपीट के एक अन्य मामले में झारखंड उच्च न्यायालय से ढुल्लू को बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की पीठ ने उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त कर दिया है।
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