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झारखंड: जामताड़ा में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार; ऐसे भेजते थे फर्जी एपीके
Mon, 21 Sep 2026 03:37 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 21 Sep 2026 03:37 PM IST
सार
जामताड़ा में साइबर पुलिस ने ई-चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला होने की बात सामने आई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जामताड़ा के करमाटांड़ थाना क्षेत्र स्थित सुंदरजोरी गांव में साइबर अपराध थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सोमवार को सुंदरजोरी गांव निवासी सोनू कुमार मंडल के घर पर छापेमारी की थी।
इस दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदरजोरी गांव निवासी गोतम कुमार मंडल (21) और सोनू कुमार मंडल (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने इन बरामद मोबाइल और सिम कार्ड को जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सऐप पर भेजते थे फर्जी एपीके फाइल
साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों के साइबर ठगी से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों के व्हाट्सऐप नंबर पर आरटीओ ई-चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजते थे। फर्जी मैसेज के जरिये लोगों से उस फाइल को डाउनलोड कराया जाता था। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति के मोबाइल में फाइल डाउनलोड हो जाती थी, आरोपी उसके मोबाइल में मौजूद गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। मोबाइल से गोपनीय डेटा और जानकारी मिलने के बाद आरोपियों द्वारा ई-वॉलेट के माध्यम से साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
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यह भी पढ़ें: यूपी में मारा गया झारखंड का मोस्ट वांटेड: टीपीसी कमांडर बृजेश गंझू मुठभेड़ में ढेर, दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे
कई राज्यों तक फैला साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का कार्यक्षेत्र केवल जामताड़ा जिले तक सीमित नहीं था। उनका यह साइबर ठगी का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था। साइबर पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही पुलिस उनके पूरे नेटवर्क और ठगी के इस खेल से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। साइबर अपराध थाने में केस दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत दर्ज की गई है।
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इस दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदरजोरी गांव निवासी गोतम कुमार मंडल (21) और सोनू कुमार मंडल (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने इन बरामद मोबाइल और सिम कार्ड को जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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व्हाट्सऐप पर भेजते थे फर्जी एपीके फाइल
साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों के साइबर ठगी से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों के व्हाट्सऐप नंबर पर आरटीओ ई-चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजते थे। फर्जी मैसेज के जरिये लोगों से उस फाइल को डाउनलोड कराया जाता था। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति के मोबाइल में फाइल डाउनलोड हो जाती थी, आरोपी उसके मोबाइल में मौजूद गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। मोबाइल से गोपनीय डेटा और जानकारी मिलने के बाद आरोपियों द्वारा ई-वॉलेट के माध्यम से साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
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कई राज्यों तक फैला साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का कार्यक्षेत्र केवल जामताड़ा जिले तक सीमित नहीं था। उनका यह साइबर ठगी का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था। साइबर पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही पुलिस उनके पूरे नेटवर्क और ठगी के इस खेल से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। साइबर अपराध थाने में केस दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत दर्ज की गई है।