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J&K: शहीद औरंगजेब का बदला लेने सऊदी अरब से नौकरी छोड़ सलानी पहुंचने लगे कई नौजवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 03 Aug 2018 10:09 PM IST
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शहीद राईफलमैन औरंगजेब का बदला लेने के लिए सऊदी से गांव पहुंच रहे युवा
- फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ जहां कश्मीर में बड़ी संख्या में नौजवान देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो कर सुरक्षाबलों पर हमले करने और पत्थरबाजी करने की घटनाओं से जुड़े हुए हैं। वहीं पुंछ के गांव सलानी जोकि अपने आप में फौजियों का ही गांव है। वहां से बड़ी संख्या में नौजवान साउदी अरब में काम धंधा करते थे। वह अपना काम काज छोड़ कर शहीद राईफलमैन औरंगजेब का बदला लेने के लिए गांव पहुंच रहे हैं।
साउदी अरब से काम धंधा छोड़कर आने वाले इन नौजवानों में मोहम्मद ताज, नजाकत हुसैन, मोहम्मद शबीर, करामत हुसैन, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद इकबाल आदि शामिल हैं। उनका कहना है कि जब से हमने सुना है कि कश्मीर में औरंगजेब को आतंकियों ने अगुवा कर उसे शहीद कर दिया है उस दिन से हमारा खून खौलने लगा था। जिसके बाद हमे लगा कि कब हम हिन्दुस्तान अपने घर लोटें और उस बहादुर साथी का बदला लें। इसके लिए ही हमने वहां 60-70 हजार रुपये महीने की नोकरी छोड़ दिया है और औरंगजेब की शहादत का बदला लेने के लिए गांव आ गए है।
सरकार हमें सेना में भर्ती करे और कश्मीर में हमारी तैनाती करे ताकि हम वहां जाकर आतंकियों का सफाया करें। औरंगजेब का बदला लें साथ ही जो देशभक्त कश्मीरी हैं उन्हें आतंकवाद से निजात दिलाएं। साउदी अरब में गाड़ी चलाने का काम करने वाले नजाकत हुसैन और मोहम्मद ताज का कहना है कि हम वहां साउदी अरब में रात को आराम की नींद सोते रहे और यहां उन दरिंदों ने हमारा दोस्त हमारा भाई हमसे छीन लिया तो। हमें लगा कि यहां पैसा कमा कर क्या कर लेंगे जब हमारे अपने लोग जम्मू-कश्मीर में सुरक्षित नहीं हैं। बस यही सोचकर हमने आपस में सलाह मशवरा किया और हम बदला लेने लौट आए हैं।
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उनका कहना है कि अभी सलानी के आस पास के गांव के और बहुत से नौजवान अरब देशों में काम काज छोड़ कर लौट रहे हैं। अगले दो चार दिनों में जहां सलानी के पचास युवक यहां लौट आएंगे। वहीं इससे अधिक आसपास के गांव के नौजवान भी यहां पहुंच जाएंगे। इन नौजवानों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि हमें जल्दी से सेना में भर्ती करें ताकि हम कश्मीर को आतंकियों से मुक्त कराएं। कुछ नौजवानों का यहां तक कहना है कि अगर सरकार हमें सेना में भर्ती नहीं करती तो हम ऐसे ही खाली हाथ कश्मीर जा कर आतंकियों को ललकारेंगे लेकिन अब कोई दूसरा औरंगजेब हम शहीद नहीं होने देंगे।
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साउदी अरब से काम धंधा छोड़कर आने वाले इन नौजवानों में मोहम्मद ताज, नजाकत हुसैन, मोहम्मद शबीर, करामत हुसैन, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद इकबाल आदि शामिल हैं। उनका कहना है कि जब से हमने सुना है कि कश्मीर में औरंगजेब को आतंकियों ने अगुवा कर उसे शहीद कर दिया है उस दिन से हमारा खून खौलने लगा था। जिसके बाद हमे लगा कि कब हम हिन्दुस्तान अपने घर लोटें और उस बहादुर साथी का बदला लें। इसके लिए ही हमने वहां 60-70 हजार रुपये महीने की नोकरी छोड़ दिया है और औरंगजेब की शहादत का बदला लेने के लिए गांव आ गए है।
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सरकार हमें सेना में भर्ती करे और कश्मीर में हमारी तैनाती करे ताकि हम वहां जाकर आतंकियों का सफाया करें। औरंगजेब का बदला लें साथ ही जो देशभक्त कश्मीरी हैं उन्हें आतंकवाद से निजात दिलाएं। साउदी अरब में गाड़ी चलाने का काम करने वाले नजाकत हुसैन और मोहम्मद ताज का कहना है कि हम वहां साउदी अरब में रात को आराम की नींद सोते रहे और यहां उन दरिंदों ने हमारा दोस्त हमारा भाई हमसे छीन लिया तो। हमें लगा कि यहां पैसा कमा कर क्या कर लेंगे जब हमारे अपने लोग जम्मू-कश्मीर में सुरक्षित नहीं हैं। बस यही सोचकर हमने आपस में सलाह मशवरा किया और हम बदला लेने लौट आए हैं।
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उनका कहना है कि अभी सलानी के आस पास के गांव के और बहुत से नौजवान अरब देशों में काम काज छोड़ कर लौट रहे हैं। अगले दो चार दिनों में जहां सलानी के पचास युवक यहां लौट आएंगे। वहीं इससे अधिक आसपास के गांव के नौजवान भी यहां पहुंच जाएंगे। इन नौजवानों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि हमें जल्दी से सेना में भर्ती करें ताकि हम कश्मीर को आतंकियों से मुक्त कराएं। कुछ नौजवानों का यहां तक कहना है कि अगर सरकार हमें सेना में भर्ती नहीं करती तो हम ऐसे ही खाली हाथ कश्मीर जा कर आतंकियों को ललकारेंगे लेकिन अब कोई दूसरा औरंगजेब हम शहीद नहीं होने देंगे।