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पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर किया गया जागरूक
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जम्मू। डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजूकेशन की तरफ से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घर में रहकर पर्यावरण संबंधित गतिविधियां आयोजित करवाई गईं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डीएसईजे की तरफ से 30 दिन का प्रोजेक्ट लांच किया गया है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण की सुरक्षा करने और उसका ध्यान रखने की आदत के बारे में जागरूकता लाना है।
इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों की लिस्ट तैयार की गई है। जिसमें सूखा, गीला और घर का कचरा डालने के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन घरों में इस्तेमाल किए जाने के लिए कहा गया है। घर में गार्डन वेस्ट कंपोस्टिंग बनाने को कहा गया। घर के गार्डन में थोड़ी सी जगह खोदकर वहां पर गार्डन का कूड़ा जैसे पत्ते, किचन का बचा हुआ कूड़ा आदि डाला जाए। कुछ चीजों का फिर से इस्तेमाल करने की कोशिश की जानी चाहिए जैसे नारियल के शैल को फूल लगाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
विद्यार्थियों को इस बात का ध्यान रखने के लिए कहा गया है कि उनके अभिभावक जब भी बाजार जाएं वह एक ही बैग का इस्तेमाल करें। पूजा के पुराने फूल एक जगह पर इकट्ठे रखने के लिए कहने को कहा गया है ताकि उसको खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इन गतिविधियों के लिए हर स्कूल को प्रोजेक्ट ऑफिसर नियुक्त करने के लिए कहा गया है जो विद्यार्थियों द्वारा की गई गतिविधियों और स्क्रेपबुक्स का रिकार्ड रखेगा।
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शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों में पर्यावरण संबंधी जागरूकता लाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया गया है। कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना बेहद जरूरी है और विद्यार्थी बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन कर सकते हैं।- अनुराधा गुप्ता, निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग।
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इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों की लिस्ट तैयार की गई है। जिसमें सूखा, गीला और घर का कचरा डालने के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन घरों में इस्तेमाल किए जाने के लिए कहा गया है। घर में गार्डन वेस्ट कंपोस्टिंग बनाने को कहा गया। घर के गार्डन में थोड़ी सी जगह खोदकर वहां पर गार्डन का कूड़ा जैसे पत्ते, किचन का बचा हुआ कूड़ा आदि डाला जाए। कुछ चीजों का फिर से इस्तेमाल करने की कोशिश की जानी चाहिए जैसे नारियल के शैल को फूल लगाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
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विद्यार्थियों को इस बात का ध्यान रखने के लिए कहा गया है कि उनके अभिभावक जब भी बाजार जाएं वह एक ही बैग का इस्तेमाल करें। पूजा के पुराने फूल एक जगह पर इकट्ठे रखने के लिए कहने को कहा गया है ताकि उसको खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इन गतिविधियों के लिए हर स्कूल को प्रोजेक्ट ऑफिसर नियुक्त करने के लिए कहा गया है जो विद्यार्थियों द्वारा की गई गतिविधियों और स्क्रेपबुक्स का रिकार्ड रखेगा।
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शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों में पर्यावरण संबंधी जागरूकता लाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया गया है। कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना बेहद जरूरी है और विद्यार्थी बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन कर सकते हैं।- अनुराधा गुप्ता, निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग।