{"_id":"5f7387108ebc3e9b9b454192","slug":"workers-agitiation-in-bilawer-basohali-and-ramkot-billawer-news-jmu2197326131","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्थायी कर्मचारियों के समर्थन में आए पंचायत प्रतिनिधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्थायी कर्मचारियों के समर्थन में आए पंचायत प्रतिनिधि
विज्ञापन
मांगों को लेकर बिलावर में धरने पर बैठे जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलावर। उप जिले में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। इससे कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई। लोगों को पेयजल के लिए बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिलावर के अस्थाई कर्मियों के अध्यक्ष बीरबल जलमेरिया और अन्य कर्मचारियों ने मंगलवार को पंपिंग स्टेशनों के बाहर धरना प्रदर्शन किया और स्टेशनों पर ताले जड़ दिए। पंपिंग ना होने के कारण रिजर्वायर खाली रहे और पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी। अध्यक्ष ने बताया कि 3 दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, जिसके कारण अगले 72 घंटे के लिए हड़ताल बढ़ा दी है। अगर सरकार ने फिर भी कोई कदम नहीं उठाया तो हड़ताल अनिश्चिकाल के लिए शुरू कर दी जाएगी।
वहीं इलाके के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने अस्थायी कर्मियों का समर्थन किया है। लोअर भड्डू पंचायत के सरपंच प्रवीण रैना ने कहा कि पंचायत में पिछले 4 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। लोगों को 2 किलोमीटर दूर सफर तय कर भीनी नाले का पानी पीना पड़ रहा है। कईयों को प्राकृतिक जलस्रोतों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्थायी कर्मियों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार जल्द इन्हें स्थायी करने सहित बकाए वेतन को भी जारी करे। सरपंच ने कहा कि अगर सरकार पिछले 25 वर्षों से कार्य कर कर्मचारियों को स्थायी नहीं करेगी तो आने वाले दिनों में कई पंचायत प्रतिनिधि भी इनके समर्थन में सड़कों को जाम करने को मजबूर हो जाएंगे।
20 वर्षों में नहीं हो सके स्थायी
बसोहली। जलशक्ति विभाग में कार्यरत अस्थायी कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही है। इससे उप जिला बसोहली के अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित रही। सीपी वर्कर के अध्यक्ष हंसराज ने बताया कि उपजिला बसोहली व महानपुर में करीब 10 डेलीवेजर और 65 सीपी वर्कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मगर उन्हें मात्र 6700 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रही है। महंगाई के इस दौर में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। सीपी वर्कर शंकर, प्रदीप, चैन सिंह, सुरेंद्र कुमार, देसराज, प्रीतम आदि ने बताया कि उन्हें विभाग में काम करते 20 वर्षों से अधिक हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्थायी नहीं हो सके। 60 माह का बकाया वेतन भी जारी नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
रामकोट में अस्थायी कर्मियों का प्रदर्शन
रामकोट। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मंगलवार को कस्बे के अधिकतर इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप रही। पेयजल आपूर्ति के ठप रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहिंद्र कुमार की अध्यक्षता में अस्थायी कर्मियों ने प्रदर्शन कर मांगों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार अभी तक उन्हें स्थायी करने और उनका 55 माह का बकाया वेतन जारी नहीं कर पाई है। इस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वहीं इलाके के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने अस्थायी कर्मियों का समर्थन किया है। लोअर भड्डू पंचायत के सरपंच प्रवीण रैना ने कहा कि पंचायत में पिछले 4 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। लोगों को 2 किलोमीटर दूर सफर तय कर भीनी नाले का पानी पीना पड़ रहा है। कईयों को प्राकृतिक जलस्रोतों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्थायी कर्मियों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार जल्द इन्हें स्थायी करने सहित बकाए वेतन को भी जारी करे। सरपंच ने कहा कि अगर सरकार पिछले 25 वर्षों से कार्य कर कर्मचारियों को स्थायी नहीं करेगी तो आने वाले दिनों में कई पंचायत प्रतिनिधि भी इनके समर्थन में सड़कों को जाम करने को मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
20 वर्षों में नहीं हो सके स्थायी
बसोहली। जलशक्ति विभाग में कार्यरत अस्थायी कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही है। इससे उप जिला बसोहली के अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित रही। सीपी वर्कर के अध्यक्ष हंसराज ने बताया कि उपजिला बसोहली व महानपुर में करीब 10 डेलीवेजर और 65 सीपी वर्कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मगर उन्हें मात्र 6700 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रही है। महंगाई के इस दौर में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। सीपी वर्कर शंकर, प्रदीप, चैन सिंह, सुरेंद्र कुमार, देसराज, प्रीतम आदि ने बताया कि उन्हें विभाग में काम करते 20 वर्षों से अधिक हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्थायी नहीं हो सके। 60 माह का बकाया वेतन भी जारी नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
रामकोट में अस्थायी कर्मियों का प्रदर्शन
रामकोट। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मंगलवार को कस्बे के अधिकतर इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप रही। पेयजल आपूर्ति के ठप रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहिंद्र कुमार की अध्यक्षता में अस्थायी कर्मियों ने प्रदर्शन कर मांगों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार अभी तक उन्हें स्थायी करने और उनका 55 माह का बकाया वेतन जारी नहीं कर पाई है। इस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।