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Jammu News: बिजली विभाग के डेलीवेजर की करंट से मौत समय पर इलाज न देने पर जीएमसी में हंगामा
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मृतक शुभम का चचेरा भाई राजन,पोस्टमार्टम के बाहर बेसुध बैठाा हुआ। अमर उजाला
फोटो सहित...
अस्पताल प्रशासन बोला आने से पहले मर चुका था लाइनमैन, परिजन बोले- जिंदा था शुभम
- मालपुर स्थित जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल में फॉल्ट ठीक करने पोल पर चढ़ा था कर्मचारी
- करंट आने से पोल से गिरा, जीएमसी पहुंचे परिजन ने समय पर न देखे जाने पर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू में रविवार को डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजन ने खूब हंगामा किया। करंट लगने से घायल होने के बाद लाइनमैन को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजन भड़क गए और डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
बिजली विभाग में डेलीवेजर शुभम मिन्हास मालपुर में जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल में आए फॉल्ट को ठीक करते समय पोल में करंट आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन ने मौके पर तैनात सीएमओ के खिलाफ घायल को न देखने के आरोप लगाए। परिजन का कहना है कि जब वे शुभम को जीमएसी लेकर आए तो उसकी सांसें चल रही थीं। शुभम मिन्हास (28) निवासी डूमी जानीपुर सब डिवीजन में लाइनमैन के तौर पर बीते 10 वर्षों से कार्य कर रहे थे। रविवार को सूचना मिली कि मालपुर स्थित जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल पर फॉल्ट है। इसे दुरुस्त करने के लिए वह वहां पर गए। पोल पर चढ़कर फॉल्ट को सही कर रहे थे कि करंट का तेज झटका लगने के बाद नीचे गिर गए और बेसुध हो गए। जानकारी के अनुसार शुभम का दोस्त जगदीश उसे घायल अवस्था में जीएमसी लेकर पहुंचा। शुभम के चचेरे भाई राजन ने बताया कि जिस समय वह भाई को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, वह जिंदा था। ड्यूटी पर तैनात सीएमओ ने देखना भी उचित नहीं समझा। इससे उसकी मौत हो गई।
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जीएमसी लाने से पहले ही कर्मी
की हो चुकी थी माैत : प्रिंसिपल
मामले में मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि उन्होंने संबंधित डाॅक्टर से बात की है। उनकी तरफ से बताया गया कि जब परिजन शुभम को लेकर आए तो वह मृत था। लिहाजा इस बात की जानकारी परिजन को दी गई। इसे सुनकर परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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पत्नी बिंदु देवी के सामने दो बेटों की जिम्मेदारी
शुभम की पत्नी बिंदू देवी के सामने पति की मौत के बाद दो छोटे बेटों की जिम्मेदारी कंधों पर आ गई है। जीएमसी में उसकी मौत की खबर सुनने के बाद वह बेसुध होकर बार-बार गिर जा रही थी। परिजन ने उसे किसी तरह कार में बिठाकर घर रवाना किया। अस्पताल में आए दिन हो रहे मरीजों व तीमारदारों के साथ इस तरह के व्यवहार पर उंगलियां उठने लगी हैं।
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बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे
मुआवजा देने का दिया आश्वासन
बिजली विभाग में जानीपुर सब डिवीजन के एई इंद्रपाल ने बताया कि शुभम विभाग में डेलीवेजर लाइनमैन के पद पर तैनात था। उसकी मौत को लेकर प्रथम दृष्टया में जो बात सामने आ रही है कि पोल पर काम करते समय कहीं से करंट आ गया। इससे उसकी गिरकर मौत हो गई। विभाग के नियमों के अनुसार 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान है। इसे जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कराकर दिया जाएगा।
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अस्पताल प्रशासन बोला आने से पहले मर चुका था लाइनमैन, परिजन बोले- जिंदा था शुभम
- मालपुर स्थित जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल में फॉल्ट ठीक करने पोल पर चढ़ा था कर्मचारी
- करंट आने से पोल से गिरा, जीएमसी पहुंचे परिजन ने समय पर न देखे जाने पर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू में रविवार को डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजन ने खूब हंगामा किया। करंट लगने से घायल होने के बाद लाइनमैन को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजन भड़क गए और डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
बिजली विभाग में डेलीवेजर शुभम मिन्हास मालपुर में जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल में आए फॉल्ट को ठीक करते समय पोल में करंट आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन ने मौके पर तैनात सीएमओ के खिलाफ घायल को न देखने के आरोप लगाए। परिजन का कहना है कि जब वे शुभम को जीमएसी लेकर आए तो उसकी सांसें चल रही थीं। शुभम मिन्हास (28) निवासी डूमी जानीपुर सब डिवीजन में लाइनमैन के तौर पर बीते 10 वर्षों से कार्य कर रहे थे। रविवार को सूचना मिली कि मालपुर स्थित जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल पर फॉल्ट है। इसे दुरुस्त करने के लिए वह वहां पर गए। पोल पर चढ़कर फॉल्ट को सही कर रहे थे कि करंट का तेज झटका लगने के बाद नीचे गिर गए और बेसुध हो गए। जानकारी के अनुसार शुभम का दोस्त जगदीश उसे घायल अवस्था में जीएमसी लेकर पहुंचा। शुभम के चचेरे भाई राजन ने बताया कि जिस समय वह भाई को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, वह जिंदा था। ड्यूटी पर तैनात सीएमओ ने देखना भी उचित नहीं समझा। इससे उसकी मौत हो गई।
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जीएमसी लाने से पहले ही कर्मी
की हो चुकी थी माैत : प्रिंसिपल
मामले में मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि उन्होंने संबंधित डाॅक्टर से बात की है। उनकी तरफ से बताया गया कि जब परिजन शुभम को लेकर आए तो वह मृत था। लिहाजा इस बात की जानकारी परिजन को दी गई। इसे सुनकर परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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पत्नी बिंदु देवी के सामने दो बेटों की जिम्मेदारी
शुभम की पत्नी बिंदू देवी के सामने पति की मौत के बाद दो छोटे बेटों की जिम्मेदारी कंधों पर आ गई है। जीएमसी में उसकी मौत की खबर सुनने के बाद वह बेसुध होकर बार-बार गिर जा रही थी। परिजन ने उसे किसी तरह कार में बिठाकर घर रवाना किया। अस्पताल में आए दिन हो रहे मरीजों व तीमारदारों के साथ इस तरह के व्यवहार पर उंगलियां उठने लगी हैं।
बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे
मुआवजा देने का दिया आश्वासन
बिजली विभाग में जानीपुर सब डिवीजन के एई इंद्रपाल ने बताया कि शुभम विभाग में डेलीवेजर लाइनमैन के पद पर तैनात था। उसकी मौत को लेकर प्रथम दृष्टया में जो बात सामने आ रही है कि पोल पर काम करते समय कहीं से करंट आ गया। इससे उसकी गिरकर मौत हो गई। विभाग के नियमों के अनुसार 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान है। इसे जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कराकर दिया जाएगा।

मृतक शुभम का चचेरा भाई राजन,पोस्टमार्टम के बाहर बेसुध बैठाा हुआ। अमर उजाला