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माफी मांगने का सवाल ही नहीं: लाल सिंह

Tue, 17 Mar 2015 07:02 PM IST
Updated Tue, 17 Mar 2015 07:02 PM IST
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won't apologise to lady doctor says mla lal singh

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री चौधरी लाल सिंह ने महिला डाक्टर से अभद्र व्यवहार को खारिज करते हुए साफ किया है कि वह किसी से माफी नहीं मांगेंगे। स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाने के लिए अपना काम पहले की तरह जारी रखने का ऐलान भी किया है। गांधीनगर स्थित अपने सरकारी निवास पर स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि मंत्री के रूप में अनुशासन से कोई समझौता उन्हें स्वीकार नहीं होगा।

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बेलगाम हो चुके विभाग को पटरी पर लाने के लिए अनुशासन लाना बेहद जरूरी है और इस दिशा में कई शिकायतें होंगी। शिकायतों से वह नहीं घबराते और जन हित में स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाने का उनका मिशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डाक्टर को अगर एप्रेन पहनने के लिए कहना अगर अभद्रता है तो वह यह काम जारी रखेंगे। अस्पतालों में गरीब लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। उन्हें डाक्टरों की पहचान एप्रेन से ही होती है।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद से ही वह इस महकमे को पटरी पर लाने के काम में लगे हुए हैं। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए जम्मू और श्रीनगर में लैब बनाने का काम शुरू किया गया है। जीएमसी में मरीजों की सुविधा के लिए और मेडिकल शाप खोली जाएंगी।
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फीमेल मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर्स का लंबित वेतन, जो कि 27 करोड़ है, उसे जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला स्तर के अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

अनुपस्थित डाक्टरों की होगी छुट्टी

won't apologise to lady doctor says mla lal singh

पटरी से उतरे स्वास्थ्य महकमे को ट्रैक पर लाने की कवायद में जुटे स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह ने दो टूक कहा है कि अस्पतालों को निजी क्लीनिक का रूप नहीं लेने दिया जाएगा। इमरजेंसी में भर्ती मरीज के तीमारदार को पर्ची देकर बाहर से दवा लाने के लिए नहीं भेजा जाएगा। इमरजेंसी में हर जरूरी दवा उपलब्ध रहेगी।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाई जा सके। मंत्री ने कहा कि अनुपस्थित डाक्टरों को संदेश भेज दिया गया है। यदि वे ड्यूटी पर वापस नहीं आते, तो हटाए जाएंगे और उनकी जगह नई भर्ती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में भी 231 ऐसे डाक्टरों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था। दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगाें को भी स्वास्थ्य सुविधा पाने का पूरा हक है, लेकिन इसमें डाक्टरों की च्वाइस आड़े आती है। जो डाक्टर ‘च्वाइस पोस्टिंग’ से लोगों को मुसीबत में डालकर उनका हक छीनते हैं, उनके लिए नई नीति बनाई जाएगी।

शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में नौकरी करनी होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी डाक्टरों की निजी प्रैक्टिस और अधिक फीस के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि फीस स्ट्रक्चर चेक किया जाएगा।

डाक्टरों की निजी प्रैक्टिस बंद करवाई जाए

won't apologise to lady doctor says mla lal singh

श्रीराम सेना के पदाधिकारियों ने सोमवार को जीएमसी के डाक्टरों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके राज्य के स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह से डाक्टरों की निजी प्रैक्टिस बंद करने की मांग की है। सबसे पहले जूनियर डाक्टरों की यूनियन खत्म करने पर भी जोर डाला है।

श्रीराम सेना के प्रधान राजीव महाजन ने बताया कि जम्मू के लोग जीएमसी के हालात के बारे में वाकिफ हैं। कई सीनियर डाक्टर मौके पर नहीं होते हैं और सारा दारोमदार जूनियर डाक्टरों पर होता है, जो कि मरीजों पर सिर्फ प्रयोग करते हैं और इससे मरीज की जान भी जाती है। अधिकतर सीनियर डाक्टर निजी प्रैक्टिस में होते हैं।

इमरजेंसी में अगर कोई बात होती है तो डाक्टर हड़ताल करने में गुरेज नहीं करते। उन्होंने कुछ दिन पहले महिला डाक्टर द्वारा मंत्री लाल सिंह पर लगाए बदतमीजी के आरोपों पर सवाल उठाया है कि अगर डाक्टर एप्रेन नहीं पहनेंगे तो मरीज और डाक्टरों में अंतर किसको समझ आएंगे। इसलिए जीएमसी में सख्ती करने की जरूरत है।

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