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राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएं महिलाएं : भागवत

Mon, 14 Nov 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 14 Nov 2016 10:23 PM IST
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women must actively participate in nation building says mohan bhagwat
संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : Amar Ujala

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने मातृ शक्ति से मैं और परिवार के दायरे से बाहर आकर समाज और देश के लिए योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं को अहम भूमिका निभानी होगी। मातृ शक्ति के मार्ग दर्शन में विश्व चल रहा है।

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वे अपने कुटुंब के साथ आसपास की महिलाओं की आवश्यकताओं की पूर्ति और समस्याओं के निराकरण के लिए काम करें, जो देश आज उन्नति से पिछड़ रहे हैं, वहां महिलाएं मजबूत नहीं हैं। भागवत ने कहा कि जम्मू और कश्मीर की महिलाओं की समस्याएं अलग हैं। सोमवार को नारी शक्ति संगम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही विकास संभव है।   
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सेर संघचालक ने कहा कि कोई भी देश महिला जागृति से ही मजबूत बनता है। समाज को संस्कारी बनाने में महिलाओं की भूमिका अहम रहती है। समाज का कोई ऐसा काम नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकतीं। किसी की राह देखे बिना महिलाएं अपने लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ें। 

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'मातृ शक्ति को जागृत करने की जरूरत'

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कार्यक्रम में मौजूद संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : Amar Ujala

भागवत ने कहा कि जो सिर्फ अपने लिए सोचता है वह सबसे छोटा व्यक्ति है, लेकिन, जो संपूर्ण विश्व के लिए सोचता है वह बड़ा है। देश की शिक्षित महिलाएं पारंपरिक अधिकार ज्ञान से पिछड़ रहीं हैं। जबकि अशिक्षित महिलाओं में यह परंपरा कायम है। मातृ शक्ति को जागृत करने की जरूरत है। इसके लिए संगठन की महिला पदाधिकारी ऐसे वर्ग के साथ अपने अनुभव का आदान प्रदान करें।

भागवत ने कहा कि महिलाओं में निर्णय प्रक्रिया में समान अधिकार पर काम होना चाहिए। गरीब, मध्यम और उच्च वर्ग के साथ उत्तर व दक्षिण भारत की महिलाओं की समस्याएं अलग हैं। ऐसे में सामूहिक बल के साथ महिलाओं को जागृत करने की दिशा में काम होना चाहिए।

30 साल से महिलाओं के उत्थान के लिए संघर्ष कर रहीं अखिल भारतीय महिला प्रमुख गीता ताई ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों की महिलाओं में परिवर्तन हुआ है। जम्मू-कश्मीर की महिलाओं में भी इसकी जरूरत है। शिक्षित महिलाओं को समाज को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा भागीदारी देनी चाहिए। पिछड़े समाज को सेवा भाव से आगे लाएं। देश में चल रही गलत प्रथाओं को खत्म करना है। इस दौरान लद्दाख से रिंजन आमोजी, प्रांतीय अध्यक्ष नीलम शर्मा आदि भी मौजूद रहीं। 

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