फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   women empowerment, self help group

Jammu News: महिलाएं बनीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत, स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले कर्ज में 97 फीसदी हिस्सेदारी

विज्ञापन
women empowerment, self help group
जम्मू। प्रदेश में महिलाएं अब केवल परिवार तक सीमित नहीं हैं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली प्रमुख शक्ति बनकर उभरी हैं। 18वीं यूटीएलबीसी बैठक में पेश रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 64 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह बैंक ऋण से जुड़े हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महिलाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
विज्ञापन

आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में कुल 1,28,717 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इनमें 84,190 महिला समूह शामिल हैं। यानी कुल समूहों में महिलाओं की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि बैंक ऋण प्राप्त करने वाले 66,469 समूहों में से 64,440 महिला स्वयं सहायता समूह हैं। अनुमान लगाएं तो बैंक से ऋण पाने वाले हर 100 समूहों में 97 महिला समूह हैं।
विज्ञापन

महिला स्वयं सहायता समूहों को अब तक कुल 2,928.24 करोड़ रुपये का ऋण मिला है जो स्वयं सहायता समूहों को दिए गए कुल ऋण का लगभग 99 प्रतिशत है। औसतन प्रत्येक ऋण प्राप्त महिला समूह को करीब 4.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। इस धनराशि का उपयोग महिलाएं डेयरी, कृषि आधारित गतिविधियों, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई और छोटे कारोबारों के विस्तार में कर रही हैं। हालांकि अभी भी 84,190 महिला समूहों में से लगभग 19,750 समूह बैंक ऋण से नहीं जुड़ पाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वयं सहायता समूह चला रही डोडा की रोजी का कहना है कि उनके इलाके में काफी महिला समूह हैं। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण मिला है। उन्होंने बताया कि उनका समूह लैवेंडर के उत्पाद बनाता है और उनके क्लस्टर समूह में लगभग 1500 महिलाएं हैं। समूहों को बैंक से लोन मिलता है, जिससे काम को काफी बढ़ावा मिलता है। उनका कहना है कि इससे महिलाओं को आर्थिक तौर पर काफी सहायता मिली है।


जम्मू की आशा राजपूत का कहना है कि लगभग पांच हो गए हैं स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़े हुए। उनके समूह की महिलाएं ज्यादातर डेयरी का काम करती हैं। बैंको से लोन मिल जाता है। अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इससे महिलाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने और उससे बड़े स्तर पर ले जाने में काफी सहायता मिलती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और दूसरी महिलाएं भी प्रेरित होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed