जम्मू जीएमसी के बाहर दर्दनाक हादसा: लंगर खा रही महिला को तेज रफ्तार बस ने कुचला, मौके पर ही मौत
जम्मू के बख्शी नगर जीएमसी के बाहर तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
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जम्मू मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के बाहर सड़क पार कर रही महिला को जम्मू से राजोरी-पुंछ जा रही निजी बस ने कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने बस को सीज कर चालक को हिरासत में ले लिया है। एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर दो बजे सुनीता देवी (45) साल निवासी राजीव बस्ती, रेशम घर काॅलोनी जीएमसी के बाहर लगे लंगर में प्रसाद ग्रहण करने आई थीं। यहां प्रसाद ग्रहण करने के बाद टिफन में भी प्रसाद डलवाया और सड़क पार करने लगीं। इसी दौरान वह एक निजी बस की चपेट में आ गईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, हिरासत में लिए बस चालक ने कहा कि भीड़ अधिक थी और अचानक महिला सड़क पर आ गई। लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसने बस को रोका तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। उधर, जीएमसी चौकी से पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के पति नरेंद्र कपूर की पहले से मौत हो चुकी है। महिला के दो बेटे हैं। एक रेशम घर काॅलोनी में रहता है और दूसरा उधमपुर में रहता है।
जम्मू-राजोरी रूट पर चलती है बस
पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच में पचा चला है कि बस जम्मू-राजोरी-पुुंछ रूट पर चलती है। बस के कागजात पूरे पाए गए हैं। बस का परमिट भी सही पाया गया है। बस के कागजात जब्त कर लिए गए हैं। पूरी कार्रवाई के बाद मालिक को कागज सौंपे जाएंगे।
जीएमसी के बाहर रहती है भीड़
जीएमसी के बाहर अकसर भीड़ रहती है। यहां पर एडमिट मरीजों के तीमारदार भोजन सहित अन्य खाद्य सामग्री लेने के लिए बाहर आते हैं। कई बार तो वाहनों के जाम के कारण लोगों को यहां पर 10 से 15 मिनट तक लंबा इंतजार करना पड़ता है। पहले भी जीएमसी के बाहर हादसे हो चुके हैं।
फिर उधमपुर बस हादसे में छात्रा की मौत की दिलाई याद
जीएमसी के बाहर राजीव बस्ती की महिला की मौत ने उधमपुर बस हादसे में छात्रा की मौत की याद दिला दी है। गांधी नगर कॉलेज की छात्रा उधमपुर पिकनिक पर गई थीं। चलती बस से दरवाजा खुलने के बाद नीचे गिरने से उनकी मौत हो गई थी। वहीं जीएमसी के बाहर हादसे का कारण चालक की लापरवाही बताई जा रही है। इससे पहले भी शहर में हादसे हो चुके हैं। अप्रैल में ज्यूल चौक में मेटाडोर पलटने से सवारियों को मामूली चोटें आई थीं।
हादसों का कारण बसों और मेटाडोर में ओवरलोडिंग होना और बस स्टाप की जगह पर ब्रेक न लगाकर कहीं पर भी रुक जाना रहा है। सवारियों को बिठाने के चक्कर में मेटाडोर और बसों में आगे बढ़ने की प्रतिस्पर्धा रहती है। बताया जा रहा है कि जीएमसी के बाहर भी कुछ ऐसा ही हुआ है। महिला सड़क पर कर रही थी, चालक के आगे बढ़ने की होड़ के कारण महिला बस की चपेट में आ गई। पूर्व पार्षद रमा कुमारी ने बताया कि बस की चपेट में आने से महिला का सिर क्षत-विक्षत हो गया।