संकट में कश्मीर, कहां हैं फारुक अब्दुल्ला?
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कश्मीर इस समय अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है, ऐसे में पूरा देश उसकी मदद के लिए उठ खड़ा हुआ है। हर कोई बाढ़ प्रभावित कश्मीरी के साथ खड़ा है लेकिन ऐसे मुश्किल वक्त में आज उसके अपने ही उससे दूर हैं।
दर्द और तब ज्यादा गहरा हो जाता है जब कभी खुद को उसका सबसे बड़ा खैरख्वां बताने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और घाटी के सबसे पुराने राजनीतिक परिवार के मुखिया फारुख अब्दुल्ला आज पूरे परिदृश्य से ही नदारद हैं। उनकी गैरमौजूदगी रह रहकर चुभती है।
हालांकि उनके पुत्र मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जरूर जी जान से बाढ़ की चुनौतियों से निपटने में जुटे हुए हैं, लेकिन फारुख अब्दुल्ला की चुप्पी और गैरामौजूदगी हर किसी को साल रही है। ऐसे में जब घाटी में हर कोई बाढ़ से मिले जख्मों के चलते कराह रहा हो तो पूछना लाजिमी हो जाता है कहां हैं फारुख अब्दुल्ला।
बाढ़ पीड़ितों को साल रही पूर्व सीएम की चुप्पी
फारुख अब्दुल्ला की गिनती रियासत के सबसे प्रमुख चेहरों में होती है या यू कहें कि घाटी से बाहर उनका चेहरा रियासत की राजनीति का प्रतिनिधित्व करता है तो कहना गलत न होगा।
ऐसे में लोगों को इनसे उम्मीदें भी ज्यादा ही हैं लेकिन बाढ़ के बाद उपजी मुश्किल परिस्थितियों में ये उम्मीदें दम तोड़ती दिख रही हैं। कारण साफ है कि जहां एक ओर राज्य के युवा मुख्यमंत्री सदी की सबसे भयानक त्रासदी से अपने राज्य के लोगों को निकालने का भरसक प्रयास कर रहे हैं वहीं उनके वालिद और पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला दूर दूर तक दिखाई नहीं देते।
हर छोटे बड़े संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देने वाले फारुख अब्दुल्ला इतने संवेदनशील और त्रासदीपूर्ण मुद्दे पर चुप हैं। क्या है उनकी चुप्पी का राज। क्यों अभी तक भी बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना जताने और उनका हाथ थामने के लिए पूर्व सीएम एक बार भी सामने नहीं आए।
पूर्व सीएम के विदेश में होने की चर्चा
ऐसे समय में जब घाटी वासियों को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है तब फारुख अब्दुल्ला गायब हैं। कहां, ये कोई नहीं जानता न कोई बताने को तैयार है। इन हालातों में जब बड़े अब्दुल्ला का अनुभव और उनका राजनीतिक कौशल घाटी को मुश्किलों से उबारने में मदद कर सकता था तब वे मौन हैं। हो सकता है वे कहीं व्यस्त हों लेकिन क्या इस व्यस्तता के बीच में से अपनों के लिए भी कुछ वक्त निकालना मुश्किल है।
इसे संवेदनहीनता कहें या कुछ और कि बाढ़ के हालातों पर उनका अभी तक एक अधिकारिक बयान तक नहीं आया है। चुनाव हारने के बाद राजनीति से दूरी बनाने वाले फारुख अब्दुल्ला ने अपने लोगों से भी दूरी बना ली। दूरी भी ऐसी कि लोगों को रह रहकर अखरे।
हालांकि कुछ सूत्र दावा करते हैं कि अब्दुल्ला फिलहाल विदेश में हैं। अगर ऐसा है तो यह और भी ज्यादा दुखद है कि अपने लोगों को इन हालात में छोड़कर बड़े अब्दुल्ला विदेश में आराम काट रहे हैं। सवाल बहुत हैं लेकिन जवाब कोई नहीं।