Kashmiri Pandit Target Killing: जम्मू में पूरण भट के घर पर पसरा मातम, 15 दिन पहले गए थे कश्मीर के शोपियां
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के चौधरी गुंड इलाके में शनिवार को आतंकियों ने कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट को उस समय गोली मार दी जब वह घर के बाहर अपने बगीचे की तरफ जा रहे थे। हमले को अंजाम देकर आतंकी फरार हो गए।
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शोपियां जिला के चौधरी गुंड इलाके में आतंकियों की गोली का निशाना बने कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट बड़े भाई अश्वनी कुमार भट्ट के साथ कश्मीर में थे। उनका एक घर जम्मू में मुठ्ठी के विनायक नगर में है, जहां पत्नी स्वीटी, बेटा शानू और बेटी श्रेया के साथ रहते थे। उनकी हत्या के बाद शनिवार को मुट्ठी स्थित घर पर मातम का माहौल रहा।
शोपियां के चौधरी गुंड में पूरण कृष्ण भट का बाग है, जिसकी देखरेख के लिए 15 दिन पहले जम्मू से गए थे। उनकी हत्या की खबर के बाद जम्मू स्थित घर पर रिश्तेदार और आसपड़ोस के लोग पहुंच गए। वहीं, संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार, एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह, डीआईजी विवेक गुप्ता, जिला उपायुक्त अवनी लवासा, एसएसपी चंदन कोहली, एडीसी सतीश शर्मा और तहसीलदार जम्मू नॉर्थ जय सिंह भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
पूरण कृष्ण भट ने 1989 में बिगड़े हालात के बावजूद घाटी नहीं छोड़ी थी। बाद में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में खराब हुए हालात को देखकर पूरण कृष्ण भट्ट परिवार सहित मुट्ठी स्थित घर पर आ गए थे। तब से उनके बच्चे जम्मू में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
पूरण कृष्ण भट के शव का अंतिम संस्कार रविवार सुबह दस बजे किया जाएगा। संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार ने कहा कि यह दुख की घड़ी है और सरकार परिवार के साथ है। 13 साल की उनकी बेटी श्रेया भट्ट आठवीं कक्षा की छात्रा है और नौ साल का बेटा शानू भट्ट चौथी कक्षा का छात्र है।
इनपुट के बावजूद हमला होना सबसे बड़ी सुरक्षा खामी: संजय टिक्कू
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के चौधरी गुंड में कश्मीरी पंडित की हत्या के बाद समुदाय में काफी आक्रोश है। गैर विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) ने घटना को बहुत बड़ी सुरक्षा खामी बताया है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के साउथ कश्मीर रेंज (एसकेआर) के डीआईजी ने इस एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि एक छोटा सा क्लस्टर है वहां हमारा गार्ड लगा हुआ है। इसके लिए हर कोई जिम्मेदार है।
केपीएसएस ने रोष जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि शोपियां के चौधरी गुंड में एक और कश्मीर पंडित की हत्या कर दी गई। 13 अक्तूबर को ट्वीट के बावजूद ग्राउंड जीरो पर कुछ भी नहीं बदला है।
यह गृह मंत्री अमित शाह को संदेश है कि कश्मीर के हालात 1990 की तरह हैं। एक अन्य ट्वीट में समिति ने आरोप लगाया है कि डीसी और एसएसपी पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहे हैं कि वे जल्द अंतिम संस्कार कर दें, उन्हें घाटी में सामान्य स्थिति दिखानी है।