फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   weather news

Jammu News: प्रदेश में मौसमी आपदाओं की मार, 33 लोगों की गई जान

विज्ञापन
weather news
- 10,590 मवेशियों की मौत, 2,418 घरों को नुकसान, 1,239 हेक्टेयर में फसल हुई बर्बाद
विज्ञापन

- केंद्र ने संसद में दी जानकारी, तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से अप्रैल से जुलाई तक भारी तबाही
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अप्रैल से जुलाई के मध्य तक तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की कई घटनाएं सामने आईं हैं। इन माैसमी आपदाओं से अब तक 33 लोगों की जान जा चुकी है। 10,590 मवेशियों की मौत और 2,418 घर आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 1,239 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।
केंद्र सरकार ने संसद में यह जानकारी दी है। बताया गया कि केंद्र शासित प्रदेश के कई जिले इस दौरान गंभीर रूप से प्रभावित हुए। सबसे ज्यादा नुकसान रामबन में हुआ, जहां भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह बाधित कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग तक ठप हो गया। रामबन जिले के बागना गांव में 20 अप्रैल को हुआ भूस्खलन राज्य में सबसे बड़ी आपदा के रूप में सामने आया। भारी बारिश के बाद पहाड़ी दरकने से कई मकान मलबे में दब गए। तीन लोगों की मौत और कई अन्य घायल हो गए। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से यातायात ठप हो गया। रामबन के अलावा राजोरी, पुंछ और कठुआ जिलों में भी आपदाओं ने कहर ढाया। राजोरी के कलाकोट में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से छात्र की मौत हो गई और कई घायल हो गए। पुंछ में अचानक आई बाढ़ से दर्जनों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। कठुआ में भारी बारिश के कारण रेल पटरी पर मलबा जमा हो गया, जिससे एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई।
विज्ञापन

-----
एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से टले बड़े नुकसान
राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने संकट की इस घड़ी में मोर्चा संभाला। रामबन, पुंछ, डोडा समेत कई जिलों में विशेष टीमें तैनात की गईं। समय रहते चेतावनी जारी की गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके चलते कई संभावित जान-माल के नुकसान को टालने में सफलता मिली। केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 मई को केरल पहुंच गया, जो सामान्य तिथि से आठ दिन पहले था। मानसून की यह तेजी कई राज्यों में असामान्य रूप से तेज बारिश और बाढ़ की वजह बनी।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
केंद्र ने जारी की राहत राशि, पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य की
गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक जम्मू-कश्मीर सहित 22 राज्यों को राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) के तहत कुल 9,578.40 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह राशि केवल तात्कालिक राहत के लिए होती है, जबकि पुनर्वास और मुआवजे की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के किसानों को करीब 2.70 करोड़ रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है। हालांकि, अभी भी कई किसानों के बीमा दावे प्रक्रिया में हैं या तकनीकी कारणों से अटके हुए हैं। कृषि विभाग इन मामलों की निगरानी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed