{"_id":"6a4c1b3cd27d593dd700ae21","slug":"weather-news-jammu-news-c-10-jmu1062-954728-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: 41 एमएम बारिश ने खोली प्रबंधों की पोल\nघुटनों से ऊपर पानी, कीचड़ से परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: 41 एमएम बारिश ने खोली प्रबंधों की पोल घुटनों से ऊपर पानी, कीचड़ से परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- तवी रिवर फ्रंट पर बनाए गए पंजीकरण केंद्रों में जलभराव
- निगम की टीमों ने घंटों मशक्कत कर मशीनों से निकाला पानी
- फिसलन से दिन भर श्रद्धालुओं को आई दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। तवी रिवर फ्रंट पर अमरनाथ यात्रा पंजीकरण के लिए बनाए गए केंद्रों और आसपास प्रशासन के प्रबंधों की रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुई 44 मिलीमीटर बारिश ने पोल खोल दी। पंजीकरण केंद्रों और लंगर के लिए लगाए टेंटों के साथ पूरे परिसर में घुटनों से ऊपर पानी भर गया। नगर निगम की टीमों को जल निकासी के लिए मशीनें लगानी पड़ीं। कई घंटे मशक्कत करने के बाद पानी तो निकाल दिया गया लेकिन कीचड़ और फिसलन से श्रद्धालु दिन भर परेशान रहे।
निगम के कर्मी सुबह बारिश के बीच सफाई, सैनिटेशन और जल निकासी करने में जुटे रहे। पानी को पंपों की मदद से निकालने के साथ कचरे को हटाया गया। कर्मचारियों की सक्रियता से कई स्थानों पर हालात जल्द सामान्य हो गए लेकिन लगातार बारिश से कुछ हिस्सों में जलभराव से आवाजाही प्रभावित रही। श्रद्धालुओं को फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ा और कुछ स्थानों पर जल निकासी में समय लगने से असुविधा हुई। इससे सवाल उठता है कि यदि थोड़ी देर की बारिश में ही ऐसी स्थिति बन गई तो भारी बारिश में क्या हालात होंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करना होगा। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केवल त्वरित कार्रवाई ही नहीं बल्कि ऐसी आधारभूत व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं जो भारी बारिश में भी बिना बाधा के काम करती रहें।
विज्ञापन
- निगम की टीमों ने घंटों मशक्कत कर मशीनों से निकाला पानी
- फिसलन से दिन भर श्रद्धालुओं को आई दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। तवी रिवर फ्रंट पर अमरनाथ यात्रा पंजीकरण के लिए बनाए गए केंद्रों और आसपास प्रशासन के प्रबंधों की रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुई 44 मिलीमीटर बारिश ने पोल खोल दी। पंजीकरण केंद्रों और लंगर के लिए लगाए टेंटों के साथ पूरे परिसर में घुटनों से ऊपर पानी भर गया। नगर निगम की टीमों को जल निकासी के लिए मशीनें लगानी पड़ीं। कई घंटे मशक्कत करने के बाद पानी तो निकाल दिया गया लेकिन कीचड़ और फिसलन से श्रद्धालु दिन भर परेशान रहे।
निगम के कर्मी सुबह बारिश के बीच सफाई, सैनिटेशन और जल निकासी करने में जुटे रहे। पानी को पंपों की मदद से निकालने के साथ कचरे को हटाया गया। कर्मचारियों की सक्रियता से कई स्थानों पर हालात जल्द सामान्य हो गए लेकिन लगातार बारिश से कुछ हिस्सों में जलभराव से आवाजाही प्रभावित रही। श्रद्धालुओं को फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ा और कुछ स्थानों पर जल निकासी में समय लगने से असुविधा हुई। इससे सवाल उठता है कि यदि थोड़ी देर की बारिश में ही ऐसी स्थिति बन गई तो भारी बारिश में क्या हालात होंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करना होगा। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केवल त्वरित कार्रवाई ही नहीं बल्कि ऐसी आधारभूत व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं जो भारी बारिश में भी बिना बाधा के काम करती रहें।
विज्ञापन