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जम्मू-कश्मीर में कचरे की समस्या का होगा निदान, दो साल में बनेगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट
Sun, 14 Feb 2021 11:18 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 14 Feb 2021 11:18 AM IST
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solid waste management
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जम्मू शहर के कोट भलवाल में दो साल के अंदर इंटरग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का काम नैफेड (नेशनल एग्रीकल्चर कॉरपोरेशन मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) के माध्यम से पूरा करवाने के प्रस्ताव को प्रशासनिक परिषद की बैठक में हरी झंडी दी गई है। नगर निगम नैफेड के साथ प्लांट निर्माण के लिए समझौता करेगा।
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बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत 350 एमडी क्षमता का आईएसडब्ल्यूएम प्लांट तैयार किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 74.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे दो साल के अंदर पूरा किया जाना है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानदंडों के अनुसार अपशिष्ट पृथक्करण, प्रसंस्करण, अपशिष्ट, उत्सर्जन और जैव-अपघटित कचरे के निपटान के लिए एक वैज्ञानिक प्रणाली स्थापित की जाएगी।
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समझौते की शर्तों के अनुसार जेएमसी की परियोजना निष्पादन के लिए 20 करोड़ और इक्विटी निवेश के 20 प्रतिशत से ऊपर के रिटर्न पर 50 प्रतिशत लाभ में हिस्सेदारी होगी। कृषि मंत्रालय भारत सरकार के तहत नैफेड एक सर्वोच्च संगठन है। 25 साल की अवधि के लिए प्रस्तावित आईएसडब्ल्यूएम परियोजना के माध्यम से जम्मू शहर के पूरे ठोस अपशिष्ट का निस्तारण किया जाएगा।
इसके शुरू होने के बाद जल निकायों, नहरों और लैंडफिल में नगरपालिका के ठोस कचरे के अवैज्ञानिक निपटान के प्रदूषणकारी प्रभाव की जांच करेगी। बाद में वैज्ञानिक तरीके से समस्या का निदान किया जाएगा।