Rubia Saeed kidnapping Case: महबूबा मुफ्ती की बहन रूबिया के खिलाफ वारंट जारी, टाडा कोर्ट में नहीं हुईं पेश
Rubia Saeed kidnapping case: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद अपहरण मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। जम्मू की टाडा कोर्ट में रूबिया सईद पेश नहीं हुई। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है। इससे पहले इस मामले में सुनवाई 15 जुलाई को हुई थी। इसमें पहली बार रूबिया पेश हुई थी।
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टाडा अदालत ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी और महबूबा मुफ्ती की बहन रुबिया सईद के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। रुबिया को 1989 में अलगाववादी यासीन मलिक और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के आतंकियों द्वारा उसके अपहरण से संबंधित मामले के संबंध में जिरह के लिए जम्मू स्थित विशेष अदालत में मंगलवार को पेश होना था, लेकिन वे पेश नहीं हुईं।
वारंट के बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर तय की है। वहीं यासीन मलिक मामले में सुनवाई के लिए तिहाड़ जेल से वर्चुअल मोड से पेश हुआ। सीबीआई की वकील एडवोकेट मोनिका कोहली ने बताया कि इससे पहले 15 जुलाई को रुबिया सईद इस मामले में बतौर गवाह पेश हुई थी।
उसने यासीन मलिक समेत अन्य की पहचान की और कहा कि उसके अपहरण में यह लोग शामिल थे। इसके बाद मंगलवार को रुबिया को जिरह के लिए पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुई। इस मामले में यासीन मलिक ने निजी तौर पर कोर्ट में पेश होने की अपील की थी।
1989 में हुआ था रूबिया का अपहरण
1989 में रुबिया का अपहरण हो गया था। तब रुबिया को छोड़ने के लिए आतंकियों ने 5 आतंकियों को रिहा करने की मांग की थी। बाद में सरकार ने आतंकियों को छोड़ा, जिसके बाद आतंकियों ने रुबिया को छोड़ा था। मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
यह मामला अब टाडा कोर्ट में है। यासीन मलिक पर एयरफोर्स के 5 कर्मियों की हत्या का केेस भी दर्ज है। यासीन को फिलहाल रुबिया के अपहरण मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। जबकि एयरफोर्स कर्मियों की हत्या मामले में अभी सजा तय नहीं की गई है।