रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन ने बारामुला के सुरम्य पहाड़ी शहर को सुंदर बनाने के लिए “वॉल ऑफ पीस” पहल शुरू की है। यह सौंदर्यीकरण परियोजना आशा, पहचान और एकता का एक जीवंत कैनवास है। प्रभावशाली और स्वयं-वर्णनात्मक भित्ति चित्रों के माध्यम से, यह पहल कश्मीरियत को दर्शाती है, जिसमें लुभावने परिदृश्य, समृद्ध परंपराएं और घाटी की अटूट भावना शामिल है।
रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन की संस्थापक रूबल नागी ने कहा “जब मैं एक दीवार पर पेंट करती हूं, तो मैं सिर्फ रंग नहीं जोड़ रही। मैं पहचान को बहाल कर रही हूं, कहानियों को पुनर्जन्म दे रही हूं, और लोगों को उनकी जड़ों में बसी ताकत की याद दिला रही हूं। बारामुला में वॉल ऑफ पीस कश्मीर की आत्मा, इसकी लचीलापन, इसकी संस्कृति, और इसकी अटूट आशा को मेरी श्रद्धांजलि है।” रूबल नागी ने इस पहल को संभव बनाने के लिए भारतीय सेना के अमूल्य समर्थन के लिए भी हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया। वहीं बारामुला के लोगों ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया है, और अपनी पहचान और विरासत को मनाने वाली अर्थपूर्ण और जीवंत दीवार कला से अपने शहर को सजा हुआ देखकर खुशी और गर्व व्यक्त किया है। संवाद