{"_id":"6844a7dd293c19c81b06b30a","slug":"vdg-committees-should-be-formed-in-hilly-areas-jammu-news-c-289-1-sba1003-106635-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: पहाड़ी क्षेत्रों में गठित की जाएं वीडीजी समितियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: पहाड़ी क्षेत्रों में गठित की जाएं वीडीजी समितियां
Sun, 08 Jun 2025 02:28 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 08 Jun 2025 02:28 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जम्मू-कश्मीर में विलेज डिफेंस गार्ड के सदस्य आतंकवाद से लड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए सुरक्षा कवच भी हैं। लेकिन जिले के सुंब ब्लॉक के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों के गांवों में विलेज डिफेंस गार्ड की कमेटियां नहीं हैं।
सुंब ब्लॉक के कई इलाके आतंकियों की घुसपैठ के पुराने मार्ग रहे हैं। कई साल पहले आतंकी इन रास्तों का इस्तेमाल कर चुके हैं। अब कुछ साल से कठुआ और सांबा जिले में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। पहाड़ी गांव में रहने वाले रंजीत सिंह, बलविंदर सिंह, बलवंत सिंह, भाग सिंह ने कहा कि आतंकी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए दूरदराज के क्षेत्रों में विलेज डिफेंस कमेटी का होना बहुत जरूरी है। अधिकांश इलाके जंगल के कई किलोमीटर बीच में हैं। बिना हथियारों के हम गांव की रक्षा कैसे करेंगे। लोगों ने सरकार से मांग की है कि हमारे इलाके में भी विलेज डिफेंस गार्ड कमेटी को बनाया जाए, ताकि हम गांव की रक्षा कर सकें और हर गतिविधि पर नजर रख सकें।
विज्ञापन
सांबा। जम्मू-कश्मीर में विलेज डिफेंस गार्ड के सदस्य आतंकवाद से लड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए सुरक्षा कवच भी हैं। लेकिन जिले के सुंब ब्लॉक के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों के गांवों में विलेज डिफेंस गार्ड की कमेटियां नहीं हैं।
सुंब ब्लॉक के कई इलाके आतंकियों की घुसपैठ के पुराने मार्ग रहे हैं। कई साल पहले आतंकी इन रास्तों का इस्तेमाल कर चुके हैं। अब कुछ साल से कठुआ और सांबा जिले में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। पहाड़ी गांव में रहने वाले रंजीत सिंह, बलविंदर सिंह, बलवंत सिंह, भाग सिंह ने कहा कि आतंकी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए दूरदराज के क्षेत्रों में विलेज डिफेंस कमेटी का होना बहुत जरूरी है। अधिकांश इलाके जंगल के कई किलोमीटर बीच में हैं। बिना हथियारों के हम गांव की रक्षा कैसे करेंगे। लोगों ने सरकार से मांग की है कि हमारे इलाके में भी विलेज डिफेंस गार्ड कमेटी को बनाया जाए, ताकि हम गांव की रक्षा कर सकें और हर गतिविधि पर नजर रख सकें।
विज्ञापन