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Jammu News: मंच पर दिखाई आसान तरीके से रातों-रात रईस बनने की चाहत
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जम्मू। नटरंग की ओर से संडे थियेटर सीरीज में उर्दू नाटक लॉटरी का टिकट का मंचन किया गया। शौकत धनवी के लिखे नाटक में निर्देशन नीरज कांत का था। मध्यम वर्ग किस प्रकार से आसान तरीके से रातों रात रईस बनना चाहता है, के मनोविज्ञान को नाटक के माध्यम से मंच पर दिखाया गया।
नाटक की कहानी मुंशी जी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो लॉटरी की टिकट खरीदता है। मुंशी को पूरा यकीन होता है कि वह लॉटरी जीत जाएंगे। वह ख्यालों में गुम हो जाते हैं। लॉटरी के जीते पैसों का इस्तेमाल किस प्रकार से किया जाए, इसकी योजना तैयार करने में जुट जाते हैं। नौबत यहां तक आ जाती है कि मुंशी को लगता है - अब उनके पास पैसा आ जाएगा तो नौकरी की क्या जरूरत। ऐसे में वह नौकरी से त्यागपत्र दे देते हैं। मुंशी की पत्नी और भाई असल दुनिया में रहने में विश्वास करते हैं। वह मुंशी जी को समझाने के अलावा चेतावनी तक देते हैं कि इस प्रकार की खुशफहमी ठीक नहीं है। मुंशी को समझाने का लाख प्रयास किए जाने के बाद भी वह अपने सपनों से बाहर आने को तैयार नहीं होते। नाटक का अंत और भी हताशाजनक होता है, जब मुंशी की भाभी की मौत हो जाती है, लेकिन मुंशी ख्यालों की दुनिया से बाहर नहीं निकल पाता। नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों में विशाल शर्मा, आदेश धर, अभिमन्यु चौधरी, नैना रकवाल, कुशाल भट, शेरयार सलारिया और सुमित बंदराल शामिल थे। ब्यूरो
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नाटक की कहानी मुंशी जी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो लॉटरी की टिकट खरीदता है। मुंशी को पूरा यकीन होता है कि वह लॉटरी जीत जाएंगे। वह ख्यालों में गुम हो जाते हैं। लॉटरी के जीते पैसों का इस्तेमाल किस प्रकार से किया जाए, इसकी योजना तैयार करने में जुट जाते हैं। नौबत यहां तक आ जाती है कि मुंशी को लगता है - अब उनके पास पैसा आ जाएगा तो नौकरी की क्या जरूरत। ऐसे में वह नौकरी से त्यागपत्र दे देते हैं। मुंशी की पत्नी और भाई असल दुनिया में रहने में विश्वास करते हैं। वह मुंशी जी को समझाने के अलावा चेतावनी तक देते हैं कि इस प्रकार की खुशफहमी ठीक नहीं है। मुंशी को समझाने का लाख प्रयास किए जाने के बाद भी वह अपने सपनों से बाहर आने को तैयार नहीं होते। नाटक का अंत और भी हताशाजनक होता है, जब मुंशी की भाभी की मौत हो जाती है, लेकिन मुंशी ख्यालों की दुनिया से बाहर नहीं निकल पाता। नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों में विशाल शर्मा, आदेश धर, अभिमन्यु चौधरी, नैना रकवाल, कुशाल भट, शेरयार सलारिया और सुमित बंदराल शामिल थे। ब्यूरो
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