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अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल: नई औद्योगिक क्रांति से विदेशी कंपनियों ने भी दिखाया रुझान, पढ़ें खास खबर

Fri, 06 Aug 2021 09:15 AM IST
प्रशांत कुमार अमित कुमार, जम्मू
अमित कुमार, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 06 Aug 2021 09:15 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में नए उद्योग स्थापित करने के लिए 15 तरह की एनओसी की अनिवार्यता खत्म की गई है। अब केवल उद्योग ज्ञापन पर ही इकाई स्थापित की जा सकती है।

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Two years of abrogation of Article 370 New industrial revolution in Jammu and Kashmir also showed trend of foreign companies
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत हुई है। कोरोना और अन्य दूसरी परिस्थितियों के कारण जनवरी 2021 से औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों को लाया गया। वर्तमान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के पास देशभर से 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं, जिसके बाद अब विदेशी कंपनियों ने भी जम्मू-कश्मीर में निवेश का रुझान दिखाया है। 

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जापान की एक मल्टीनेशनल कंपनी ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है, जिसका शिष्टमंडल जल्द प्रदेश में आ रहा है। इसके अलावा यूएस और दुबई से भी प्राथमिकता पर बात चल रही है। जम्मू-कश्मीर में 20 हजार करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं की परिकल्पना के साथ 64000 लोगों के रोजगार सृजन की प्रक्रिया पाइप लाइन में है। कश्मीर में 8 हजार करोड़ के निवेश और 30 हजार रोजगार सृजन की परिकल्पना की गई है। 
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विदेशी कंपनियों ने एग्रो प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल, सीमेंट, टेली कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, सेवा क्षेत्र आदि में निवेश के लिए रुझान दिखाया है। विदेशी निवेशकों को भूमि आवंटन के लिए नीतियों को पहले से ही सरल बनाया गया है। देश विदेश से निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए गत जनवरी में 28 हजार 400 करोड़ रुपये की नई औद्योगिक विकास योजना का ऐतिहासिक एलान किया गया था। इस साल के शुरू में औद्योगिक क्षेत्र को रफ्तार दी गई और साल 2037 तक चलने वाली नई औद्योगिक योजना में निवेशकों के प्रोत्साहन के लिए नीतियों को सरल बनाया गया है। नई जम्मू कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 के तहत निवेशकों को प्रारंभिक अवधि के लिए लीज पर 40 साल और बाद में विस्तार करके 90 साल तक भूमि दी जा रही है।  
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आईटी क्षेत्र भी उड़ान भरने की तैयारी में

जम्मू और कश्मीर में दो नए आईटी टावरों का निर्माण किया जा रहा है। टावर के लिए उद्योग विभाग ने जेकेआईटी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी को जम्मू के प्रदर्शनी मैदान में 24 कनाल और सेमपोरा, पंपोर में 30 कनाल भूमि को हस्तांतरित किया है। 

उद्योगों के लिए 25 हजार कनाल भूमि हस्तांतरित 
प्रदेश सरकार ने जम्मू कश्मीर में औद्योगिक विकास के लिए 25 हजार कनाल सरकारी भूमि को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को हस्तांतरित की है। इसमें 17 हजार कनाल भूमि जम्मू संभाग और 8 हजार कनाल भूमि कश्मीर संभाग में हस्तांतरित की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने जम्मू संभाग में 1548 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं के लिए सांबा और कठुआ में करीब एक हजार कनाल भूमि निवेशकों को आवंटित की है। कश्मीर में 144.66 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन किया गया है। 

जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में नई शुरुआत

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर ने कहा कि जम्मू कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में नई शुरुआत हुई है। उद्योग से जुड़ी कई नीतियों में बदलाव लाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भी और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में 16 हजार कनाल औद्योगिक भूमि की तलाश की जा रही है।

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