{"_id":"58d8b8bd4f1c1b1e0963d8fc","slug":"two-wheeler-vehicles-will-not-be-permitted-in-asia-s-longest-tunnel","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देश की सबसे लंबी टनल से फिलहाल नहीं गुजरेंगे दो पहिया वाहन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की सबसे लंबी टनल से फिलहाल नहीं गुजरेंगे दो पहिया वाहन
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:32 PM IST
विज्ञापन
चिनैनी नाशरी टनल
- फोटो : file photo
देश की सबसे लंबी हाईवे टनल का गौरव हासिल करने जा रही जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिनैनी नाशरी टनल में दो पहिया वाहनों के गुजरने को अनुमति नहीं मिलने के आसार हैं। फिलहाल चार पहिया वाहनों को ही टनल से गुजारा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सबसे लंबी हाईवे टनल का दो अप्रैल को लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
विज्ञापन
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टनल में 13 मीटर डाया मीटर की दो लेन हैं और छह मीटर डायामीटर का पैरलल एसकेप रूट है। सीधी टनल को 29 क्रास पैसेजेस से जोड़ा गया है। प्रत्येक क्रास पैसेज 300 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में चार पहिया वाहनों की स्पीड को तय किया जाएगा। ऐसे में फिलहाल दो पहिया या तीन पहिया वाहनों को टनल से गुजारने के आसार कम ही हैं।
विज्ञापन
हालांकि बाद में वाहनों की मूवमेंट को देखते हुए दो पहिया वाहनों को भी शामिल किया जा सकता है। ऐसे में अगर दो पहिया या तीन पहिया वाहनों को टनल से गुजरने की अनुमति नहीं मिली तो इन वाहनों का प्रयोग करने वाले लोगों को लंबा पारंपरिक रास्ते से होकर ही गुजरना पड़ेगा।
विज्ञापन
Trending Videos
वाहनों की मूवमेंट को देखते हुए लिया जाएगा निर्णय
चिनैनी नाशरी टनल
- फोटो : file photo
9.2 किलोमीटर लंबी चिनैनी नाशरी टनल बनने से 41 किलोमीटर का सफर अब दस किलोमीटर में ही यानी 15 मिनट में सिमट जाएगा, जबकि पारंपरिक मार्ग से इतना सफर तय करने में डेढ़ से दो घंटे लग जाते है।
वहीं नेशनल हाईवे अथारिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम अटारडे का कहना है कि चिनैनी नाशरी टनल से दो पहिया वाहनों को बाहर रखने के लिए कोई फैसला नहीं हुआ है। वाहनों की मूवमेंट के हिसाब से निर्णय लिए जाएंगे।
वहीं नेशनल हाईवे अथारिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम अटारडे का कहना है कि चिनैनी नाशरी टनल से दो पहिया वाहनों को बाहर रखने के लिए कोई फैसला नहीं हुआ है। वाहनों की मूवमेंट के हिसाब से निर्णय लिए जाएंगे।