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कश्मीर में लश्कर के दो ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार, हथियार व गोला बारूद बरामद, आतंकियों की कराते थे घुसपैठ
Mon, 14 Oct 2019 08:10 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 14 Oct 2019 08:10 PM IST
सार
- पुलिस ने कहा-नारानाग में घुसपैठ कर पहुंचे आतंकियों के समूह की दोनों ने की थी मदद
- पिछले दिनों नारानाग के दुर्गम इलाके में मारे गए थे दो आतंकी, 15 दिन चला ऑपरेशन
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सुरक्षाबल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में पुलिस ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के दो ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया है। पुलिस इसे बड़ी कामयाबी बता रही है।
गांदरबल के एसएसपी खलील पोसवाल के अनुसार, पिछले महीने नारानाग में मारे गए आतंकियों के ग्रुप को इन्हीं ओजीडब्ल्यू ने घुसपैठ में मदद की थी। इनकी शिनाख्त चांदी खटाना और वाजिद खटाना के तौर पर हुई है। यह दोनों जम्मू संभाग के राजोरी जिले के दुंगिग्राथी इलाके के रहने वाले हैं।
दोनों के पास से दो एके 47 राइफल, चार ग्रेनेड, चार मैगजीन और 120 कारतूस भी बरामद हुए हैं। पोसवाल ने एक सवाल के जवाब में बताया कि नारानाग में जो कुछ दिन पहले आतंकी मारे गए थे उन आतंकियों को यही ओजीडब्ल्यूद्ध लाए थे।
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गौरतलब है कि सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक विशेष इनपुट के आधार पर पिछले माह के अंत में गांदरबल जिले के नारानाग के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान 27 सितम्बर को रात करीब साढ़े आठ बजे आतंकियों के साथ पहला कांटेक्ट हुआ था जिसमें एक आतंकी को मार गिराया गया था।
उसके बाद इलाके में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन को जारी रखा गया और तीसरे दिन एक अन्य आतंकी को ठिकाने लगाया लगाने में सफलता हाथ लगी। जिस इलाके में यह ऑपरेशन चल रहा था वह काफी नारनाग के ऊपरी इलाके में स्थित गंगबल लेक से काफी दूर दुर्गम जंगली इलाका है। वहां पहुंचने के लिए नारानाग से करीब 7 घंटे पैदल चलना पड़ता है।
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गांदरबल के एसएसपी खलील पोसवाल के अनुसार, पिछले महीने नारानाग में मारे गए आतंकियों के ग्रुप को इन्हीं ओजीडब्ल्यू ने घुसपैठ में मदद की थी। इनकी शिनाख्त चांदी खटाना और वाजिद खटाना के तौर पर हुई है। यह दोनों जम्मू संभाग के राजोरी जिले के दुंगिग्राथी इलाके के रहने वाले हैं।
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दोनों के पास से दो एके 47 राइफल, चार ग्रेनेड, चार मैगजीन और 120 कारतूस भी बरामद हुए हैं। पोसवाल ने एक सवाल के जवाब में बताया कि नारानाग में जो कुछ दिन पहले आतंकी मारे गए थे उन आतंकियों को यही ओजीडब्ल्यूद्ध लाए थे।
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गौरतलब है कि सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक विशेष इनपुट के आधार पर पिछले माह के अंत में गांदरबल जिले के नारानाग के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान 27 सितम्बर को रात करीब साढ़े आठ बजे आतंकियों के साथ पहला कांटेक्ट हुआ था जिसमें एक आतंकी को मार गिराया गया था।
उसके बाद इलाके में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन को जारी रखा गया और तीसरे दिन एक अन्य आतंकी को ठिकाने लगाया लगाने में सफलता हाथ लगी। जिस इलाके में यह ऑपरेशन चल रहा था वह काफी नारनाग के ऊपरी इलाके में स्थित गंगबल लेक से काफी दूर दुर्गम जंगली इलाका है। वहां पहुंचने के लिए नारानाग से करीब 7 घंटे पैदल चलना पड़ता है।
ऑपरेशन में पैरा कमांडोज का इस्तेमाल
इस ऑपरेशन में प्रशिक्षित पैरा कमांडोज की भी मदद ली गई। हेलीकॉप्टर भी लगाने पड़े। इतना ही नहीं सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने अस्थाई ऑपरेशनल बेस (टीओबी) भी इलाके में स्थापित किये गए हैं ताकि घुसपैठ के लिए इन रास्तों का इस्तेमाल करने वाले आतंकियों को निचले इलाकों में दाखिल होने से पहले मार गिराया जाए।
ये हुआ बरामद
इस ऑपरेशन में प्रशिक्षित पैरा कमांडोज की भी मदद ली गई। हेलीकॉप्टर भी लगाने पड़े। इतना ही नहीं सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने अस्थाई ऑपरेशनल बेस (टीओबी) भी इलाके में स्थापित किये गए हैं ताकि घुसपैठ के लिए इन रास्तों का इस्तेमाल करने वाले आतंकियों को निचले इलाकों में दाखिल होने से पहले मार गिराया जाए।
ये हुआ बरामद
- 2 एके 47 राइफल
- 4 ग्रेनेड, 4 मैगजीन
- 120 कारतूस