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Jammu Kashmir: उधमपुर में भूस्खलन से कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबने से नवजात समेत दो बच्चों की मौत
Sat, 20 Aug 2022 01:56 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 20 Aug 2022 01:56 PM IST
सार
landslide in udhampur: अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश होने के कारण टिकरी ब्लॉक के समोल गांव में भूस्खलन की चपेट में आने से कच्चा मकान गिर गया। मलबे की चपेट में आने से दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
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दो मासूम बच्चों की मौत
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के टिकरी ब्लॉक के समोल गांव में भूस्खलन की चपेट में आने से कच्चा मकान गिर गया। मलबे में दबने से दो बच्चों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में एक दो माह का नवजात और दूसरा तीन साल का बच्चा शामिल है। सूचना के बाद बचाव दल समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इसके बाद घर के मलबे से शवों को निकाला। उधमपुर प्रशासन ने हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार देर रात भारी बारिश होने के कारण इलाके में भूस्खलन हो गया था। इसकी चपेट में बिल्ला पुत्र रोशन दीन का कच्चा मकान भी आ गया। मकान के मलबे में दबने से तीन साल का आरिफ और 2 महीने के गनी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल पर टिकरी पुलिस के जवान पहुंचे और उन्होंने दोनों शवों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। दोनों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कानूनी कार्रवाई के बाद शनिवार को दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया गया।
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उधर रियासी जिले के तलवाड़ा में विस्थापित कॉलोनी से सटे पहाड़ पर शुक्रवार को बारिश से भूस्खलन होने पर कॉलोनी के करीब 10 आवास क्षतिग्रस्त हो गए। कई आवासों में पानी के साथ मलबा भी घुस गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ। वीरवार को पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटा था, जिसको विस्थापितों ने भी देखा।
उनको अंदाजा हो गया था कि अगर बारिश हुई तो यह मलबा उनके आवासों को बर्बाद कर देगा। शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद उक्त स्थान के निचले हिस्से में रहने वाले विस्थापित आवासों में नहीं गए। दोपहर को अचानक पहाड़ी का वह हिस्सा पानी के तेज बहाव के साथ नीचे आया।
पहाड़ी से गिरे मलबे ने थोड़े समय में ही कॉलोनी के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। अन्य हिस्सों में रहने वाले विस्थापित भी पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे, और सभी को सकुशल स्थान पर ले गए। जिला प्रशासन तथा पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।
जिन लोगों के आवास मलबे की भेंट चढ़ गए, उनकी सूची तैयार की गई है। पहाड़ी के निचले हिस्से में रहने वाले विस्थापितों को आवास खाली कर कॉलोनी में बने एक शेड में भेजा गया है।
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इसके बाद घर के मलबे से शवों को निकाला। उधमपुर प्रशासन ने हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार देर रात भारी बारिश होने के कारण इलाके में भूस्खलन हो गया था। इसकी चपेट में बिल्ला पुत्र रोशन दीन का कच्चा मकान भी आ गया। मकान के मलबे में दबने से तीन साल का आरिफ और 2 महीने के गनी की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटनास्थल पर टिकरी पुलिस के जवान पहुंचे और उन्होंने दोनों शवों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। दोनों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कानूनी कार्रवाई के बाद शनिवार को दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया गया।
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उधर रियासी जिले के तलवाड़ा में विस्थापित कॉलोनी से सटे पहाड़ पर शुक्रवार को बारिश से भूस्खलन होने पर कॉलोनी के करीब 10 आवास क्षतिग्रस्त हो गए। कई आवासों में पानी के साथ मलबा भी घुस गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ। वीरवार को पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटा था, जिसको विस्थापितों ने भी देखा।
उनको अंदाजा हो गया था कि अगर बारिश हुई तो यह मलबा उनके आवासों को बर्बाद कर देगा। शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद उक्त स्थान के निचले हिस्से में रहने वाले विस्थापित आवासों में नहीं गए। दोपहर को अचानक पहाड़ी का वह हिस्सा पानी के तेज बहाव के साथ नीचे आया।
पहाड़ी से गिरे मलबे ने थोड़े समय में ही कॉलोनी के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। अन्य हिस्सों में रहने वाले विस्थापित भी पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे, और सभी को सकुशल स्थान पर ले गए। जिला प्रशासन तथा पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।
जिन लोगों के आवास मलबे की भेंट चढ़ गए, उनकी सूची तैयार की गई है। पहाड़ी के निचले हिस्से में रहने वाले विस्थापितों को आवास खाली कर कॉलोनी में बने एक शेड में भेजा गया है।