{"_id":"7d5c91d6179e2518fe4e6f66f540f6a8","slug":"tulsi-vivah-was-observed-with-reverence-and-enthusiasm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया तुलसी विवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया तुलसी विवाह
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 03 Nov 2014 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को संभाग भर में तुलसी विवाह का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर महिलाओं ने तुलसी माता का हार-शृंगार करके बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना कर शालीग्राम के साथ विवाह रचाया। इस मौके पर महिलाओं ने गन्ने, मूली, कलीरा, लाल चुन्नी और झंडे की खरीदारी भी की।
विज्ञापन
तुलसी विवाह के त्योहार के उपरांत महिलाओं ने दिन भर निराहार रहकर उपवास रखा। इस मौके पर दिन भर अपने आंगन और मंदिरों में स्थापित तुलसी माता के स्थान को विभिन्न रंगों के साथ चित्रित कर हार-शृंगार किया।
विज्ञापन
शाम को महिलाओं ने मंदिरों में जाकर पंडित से प्रबोधिनी एकादशी और तुलसी विवाह की कथा सुनी और पूजा अर्चना करने के बाद तुलसी माता को गन्ने और मूली अर्पण कर प्रदक्षिणा ली। महिलाओं ने अपनी और अपने परिवार की कुशल मंगल की कामना की।
विज्ञापन
नानक नगर के पंडित विजय शर्मा ने बताया कि प्रबोधिनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में बहुत ही बड़ा और पुण्य कमाने वाला व्रत माना गया है। उन्होंने बताया कि प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर व्रत रखने के बाद व्रती प्रांगण में स्थित तुलसी के पांच दिन लगातार दीप जलाकर अपने और अपने परिवार के लिए मंगल कामना करते हैं।