कश्मीर में जवानों को मिलेंगे 90 हजार फुल बॉडी प्रोटेक्टर, केंद्र सरकार ने किया फैसला
केंद्र सरकार ने कश्मीर में गर्मी के दौरान भारी उपद्रव की आशंका के मद्देनजर हिंसा से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत कश्मीर में पत्थरबाजी से निपटने को जवानों के लिए 90 हजार से अधिक फुल बाडी प्रोटेक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे।
जवानों के लिए सवा लाख बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट सुरक्षा बलों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट में पत्थरबाजी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की सीधी संलिप्तता की जानकारी दी है।
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि अलगाववादियों और उपद्रवियों को समर अनरेस्ट के लिए पाकिस्तान की एजेंसी द्वारा फंडिंग की गई है। नोटबंदी के बाद बंद हुआ हवाला कारोबार फिर से शुरू हो गया है और पत्थरबाजों तक फंड पहुंच चुका है।
सुरक्षाबलों पर पथराव के बाद एजेंसियों ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट
बडगाम में सुरक्षा बलों पर भारी पथराव के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उपद्रवियों की साजिश के संबंध में केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है। कश्मीर में पथराव से एक साल में सीआरपीएफ के चार हजार से अधिक जवान घायल हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बार जवानों की सुरक्षा के लिए खास बंदोबस्त किए हैं।
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों के लिए दंगा रोधी वाहनों और उपकरणों की संख्या बढ़ाई जा रही है। सुरक्षा बलों को आसूं गैस के अलावा, मल्टी शेल्स लांचर, वाटर कैनन, चिली ग्रेनेड, पीएवीए शेल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं। छह लाख पेलेट गन की मंजूरी पहले ही दे दी गई है। जवानों को वाइजर युक्त हेल्मेट और बुलेट रोधी कवच दिए गए हैं। सीआरपीएफ को जवानों के लिए एक लाख 11 हजार 888 वाइजर युक्त हेल्मेट उपलब्ध करा दिए गए हैं।
साजिश के तहत पुलिस वालों के परिवार पर हमले बढ़े हैं। अब तक चार हमले हो चुके हैं। पुलिस वालों के परिवार वालों पर हमले अभी और बढ़ सकते हैं। ऐसा कर उपद्रवी तत्व पुलिस को उकसाना चाहते हैं ताकि गुस्से में पुलिस वाले भी पत्थरबाजों के परिवार वालों पर हमले करें। ऐसा होने पर हिंसा भड़केगी।