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कश्मीर के स्थानीय आतंकियों को मुख्यधारा में लाने का हो रहा प्रयास

Sun, 15 Jan 2017 05:05 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Sun, 15 Jan 2017 05:05 PM IST
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कश्मीर के स्थानीय आतंकियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास - फोटो : social media

कश्मीर घाटी में स्थानीय आतंकियों को मुख्य धारा में लाने के लिए पुलिस कई कदम उठा रही है। पुलिस के महानिदेशक एसपी वैद ने कहा कि इस सबके लिए एक अलग से योजना बनाई गई है। पुलिस महकमा अपने निचले रैंक के अधिकारियों की भलाई के लिए भी सरकार के साथ मिलकर कई कदम उठा रहा है।

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दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में एक पुलिस विभाग के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने घाटी में आतंकवाद में शामिल हो रहे स्थानीय युवाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा है और इससे निपटने के लिए पुलिस विभाग पूरा प्रयास कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा स्थानीय आतंकियों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए एक अलग से योजना बनाई है। विभाग लगातार स्थानीय आतंकियों के परिवार वालों के साथ संपर्क में है। अभी तक करीब सात स्थानीय लड़के आतंकवाद को छोड़कर पुलिस के सामने सरेंडर कर चुके हैं। जो स्थानीय युवा रास्ता भटक कर आतंकवाद में शामिल हुए हैं, उन्हें एक मौका जरूर दिया जाएगा।

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बंदूक किसी चीज का हल नहीं: डीजीपी

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डीजीपी ने युवाओं से की अपील - फोटो : DEMO PIC

वेद ने ऐसे युवाओं से आतंकवाद का रास्ता छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि बंदूक किसी चीज का हल नहीं है। इससे बर्बादी ही होती है। जो कोई मुख्य धारा में शामिल होगा, उसे रिहैबिलीटेट करने के लिए पुलिस विभाग कोशिश करेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि विदेशी आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कर्मियों के लिए विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वैद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अपनी एक स्पीच में आश्वासन दिलाते हुए एक कमेटी का गठन किया था, जिसकी अगवाई वह खुद कर रहे थे।

कमेटी ने कुछ सुझाव दिए थे, ताकि निचले दर्जे के पुलिस अधिकारियों के लिए पदोन्नति के रास्ते खुल सकें। उन्होंने कहा कि आगे भी कुछ सुझाव सरकार के सामने हैं।पुलिस विभाग पर समय-समय पर भ्रष्टाचार के लग रहे आरोपों पर वैद ने कहा कि ऐसे आरोप तो हमेशा लगते रहे हैं, लेकिन अगर कोई विशेष शिकायत हो तो उसे जरूर सामने लाया जाए।

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