फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   tough fight in kangan seat of jammu kashmir assembly election

कंगन सीट पर रहेगा रोचक मुकाबला

Tue, 11 Nov 2014 03:24 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Tue, 11 Nov 2014 03:24 PM IST
विज्ञापन
tough fight in kangan seat of jammu kashmir assembly election

विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले कंगन निर्वाचन क्षेत्र में लगभग सभी राजनीतिक दलों ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इस बार इस सीट से कांग्रेस के एजाज अहमद शेख, भाजपा के नजीर रैना, पीडीपी के बशीर अहमद मीर, जम्मू कश्मीर पीपल्स कांफ्रेंस के मुश्ताक अहमद शाह और नेशनल कांफ्रेंस के मियां अल्ताफ चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार जो अब तक का आकलन किया गया है उसमें नेकां के मियां अल्ताफ और पीडीपी के बशीर अहमद मीर के बीच टक्कर दिख रही है।

विज्ञापन


मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले की कंगन विधानसभा सीट पर नेशनल कांफ्रेंस का दबदबा रहा है। लेकिन लोकसभा चुनावों में नेकां को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। नेकां के मियां अल्ताफ इस सीट पर वर्ष 1996 से लगातार जीतते आ रहे हैं। उन्होंने 2008 के विधानसभा चुनावों में पीडीपी के बशीर अहमद मीर को हराया। अल्ताफ को 19,210 वोट मिले थे, जबकि मीर को 11,495 ही वोट मिल पाए थे। इस सीट पर पहले चरण के तहत 25 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। गौरतलब है कि मीर ने 2008 में पहली बार इस सीट से चुनाव लड़ते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन


मियां अल्ताफ कानून में स्नातक हैं। वह नेकां सरकार में 2009 तक वन मंत्री का पद संभाले हुए थे। कंगन सीट पर उनका कब्जा वर्ष 1987, 1996, 2002 और 2008 विधानसभा में बरकरार रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार मियां अल्ताफ की लोकप्रियता लोगों में काफी है, खासकर गुज्जर समुदाय के लोगों के बीच। पीडीपी ने लोकसभा चुनावों में इस सीट पर 3607 वोटों से बढ़त हासिल की थी। युवकों का कहना है कि बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। पिछड़े इलाकों के होने के बावजूद भी यहां के पढ़े लिखे युवाओं को सरकारी नौकरियां नहीं दी जातीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, पीडीपी के कार्यकर्ताओं को मीर पर काफी भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि उनके द्वारा घर-घर जाकर किया प्रचार व्यर्थ नहीं जाएगा। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2008 के चुनाव में इस क्षेत्र में 59.46 प्रतिशत वोट पड़े थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed