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जम्मू-कश्मीर: महबूबा को लगा झटका, तीन और नेताओं ने पीडीपी को कहा अलविदा
Fri, 10 Jan 2020 09:57 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 10 Jan 2020 09:57 PM IST
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल, एएनआई
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जम्मू-कश्मीर मेंबड़ी सियासी शख्सियत और पीडीपी के संस्थापक रहे मुफ्ती मोहम्मद सईद की सियासी विरासत और उनकी पार्टी पर महबूबा मुफ्ती की पकड़ लगातार कमजोर पड़ती जा रही है। आठ नेताओं को पार्टी से निकाले जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को तीन और नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। माना जा रहा है कि वर्तमान परिदृश्य में पीडीपी के हाशिये पर होने से कई नेता नया विकल्प तैयार करने में जुटे हैं।
विदेशी राजनयिकों तथा एलजी से मिलने पर पीडीपी से आठ नेताओं को निकाले जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को जिन तीन नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहा उनमें रफियाबाद के पूर्व विधायक यावर मीर, मुंतजिर मोहिउद्दीन तथा युवा विंग के पूर्व अध्यक्ष शौकत गयूर शामिल हैं। इन नेताओं ने भविष्य की योजनाओं के बारे में फिलहाल खुलासा नहीं किया है। यावर मोहम्मद दिलावर मीर के बेटे हैं जिन्हें वीरवार को पार्टी से निकाल दिया गया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार वर्तमान परिदृश्य में बड़े पीडीपी नेता महबूबा को जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए टूटने का कसूरवार बताकर उन्हें पार्टी में दरकिनार करना चाहते हैं। दरअसल इन नेताओं को लग रहा है कि पार्टी सुप्रीमो को दरकिनार कर पार्टी को दोबारा जनता के बीच लाया जा सकता है और नए सिरे से राजनीति की जा सकती है। महबूबा की छवि देश के अन्य हिस्सों के अलावा जम्मू में भी केवल कश्मीर केंद्रित नेता की रही है। ऐसे में सियासी तौर पर आगे नुकसान हो सकता है।
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विदेशी राजनयिकों तथा एलजी से मिलने पर पीडीपी से आठ नेताओं को निकाले जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को जिन तीन नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहा उनमें रफियाबाद के पूर्व विधायक यावर मीर, मुंतजिर मोहिउद्दीन तथा युवा विंग के पूर्व अध्यक्ष शौकत गयूर शामिल हैं। इन नेताओं ने भविष्य की योजनाओं के बारे में फिलहाल खुलासा नहीं किया है। यावर मोहम्मद दिलावर मीर के बेटे हैं जिन्हें वीरवार को पार्टी से निकाल दिया गया था।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार वर्तमान परिदृश्य में बड़े पीडीपी नेता महबूबा को जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए टूटने का कसूरवार बताकर उन्हें पार्टी में दरकिनार करना चाहते हैं। दरअसल इन नेताओं को लग रहा है कि पार्टी सुप्रीमो को दरकिनार कर पार्टी को दोबारा जनता के बीच लाया जा सकता है और नए सिरे से राजनीति की जा सकती है। महबूबा की छवि देश के अन्य हिस्सों के अलावा जम्मू में भी केवल कश्मीर केंद्रित नेता की रही है। ऐसे में सियासी तौर पर आगे नुकसान हो सकता है।
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कई खेमों में बंट गई है पार्टी
मौजूदा समय में पीडीपी कई खेमों में बंट गई हैं और अंदर खाते घमासान की स्थिति है। कोई नेता पार्टी पर कब्जा करने तो कोई नए विकल्प की तलाश में जुटा हुआ है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीडीपी के लोकसभा सांसद रह चुके मुजफ्फर हुसेन बेग ने तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुले आम महबूबा मुफ्ती के भड़काऊ बयानों को जम्मू कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनने का कारण बताया।
मौजूदा समय में पीडीपी कई खेमों में बंट गई हैं और अंदर खाते घमासान की स्थिति है। कोई नेता पार्टी पर कब्जा करने तो कोई नए विकल्प की तलाश में जुटा हुआ है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीडीपी के लोकसभा सांसद रह चुके मुजफ्फर हुसेन बेग ने तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुले आम महबूबा मुफ्ती के भड़काऊ बयानों को जम्मू कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनने का कारण बताया।