कश्मीर में हिंसा के हालातों के बीच पर्यटन के पीक सीजन पर संकट, फिर हो सकता है नुकसान
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जम्मू-कश्मीर राज्य में आगामी पीक पर्यटन सीजन पर तलवार लटक गई है। घाटी में हिंसा की ताजा घटना के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही इनपुट जारी किए हैं कि कश्मीर में माहौल खराब करने की साजिश रची जा रही है। ताजा जानकारी है कि अलगाववादियों ने पूरी गर्मियों में जुमे के बाद प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
बाहरी राज्यों में अप्रैल माह में छुट्टियां पड़ जाती हैं। लोग घूमने के लिए कश्मीर आने लगते हैं, लेकिन पिछले वर्ष छह महीने तक घाटी में हिंसा रही और हालात खराब रहे। पर्यटन और अन्य कारोबार को मिलाकर करीब तीन हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसकी भरपाई करने के लिए पर्यटन विभाग पूरी तरह से जुटा हुआ था, लेकिन ताजा घटना से तैयारियों को झटका लगा है।
सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष कश्मीर आने के लिए काफी बुकिंग हुई थी। अप्रैल तक कश्मीर के तीन हजार होटल 80 फीसदी तक बुक हैं, जबकि 900 के करीब हाउस बोट में भी 50 फीसदी से अधिक की बुकिंग है। इन दोनों से जुड़े लोगों का कहना है कि हालात खराब रहने पर बुकिंग कैंसल हो जाएगी। पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था।
हिंसा के हालातों से पिछले साल भी हुआ था नुकसान
वहीं जम्मू भी सीधा कश्मीर से जुड़ा हुआ है। टूर एंड टैक्सी आपरेटर यूनियन के प्रधान अंचल सिंह का कहना है कि पीक सीजन में हर रोज एक टैक्सी चालक 15 से 20 हजार कमाता है। लेकिन पिछले साल हालात खराब होने से 1200 से अधिक चालकों को काम ही नहीं मिला। हालात खराब हुए तो फिर से नुकसान उठाना पड़ेगा।
डीजीपी एसपी वैद ने जम्मू में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि पीक सीजन को बिना किसी हिंसा के सफल बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, लेकिन ताजा हालातों से पुलिस के प्रयासों को भी धक्का पहुंचा है।