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जम्मू-कश्मीर में अब नहीं हो सकेगा इन 30 पाकिस्तानी और इस्लामिक चैनलों का प्रसारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 18 Jul 2018 06:21 PM IST
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने केबल ऑपरेटरों को घाटी में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से तत्काल प्रतिबंधित सेटलाईट चैनलों के प्रसारण और संचारण पर रोक लगाने के आदेश दिए है। इस सन्दर्भ में 12 जुलाई को श्रीनगर के अतिरिक्त जिला आयुक्त (एडीसी) द्वारा जारी एक आर्डर को श्रीनगर में केबल ऑपरेटरों के सभी प्रमुखों को भेजा गया।
आर्डर में केबल ऑपरेटरों पर आरोप लगाया है कि "श्रीनगर जिले के अधिकार क्षेत्र में अनिश्चित और प्रतिबंधित निजी सेटलाईट चैनलों का प्रसार और संचरण किया जा रहा है”। वहीँ सरकार के इस फैसले को लेकर केबल ऑपरेटरों ने निराशा जताई है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा करीब 30 चैनल ऑफ-एयर करने को कहे हैं जिनमें से आधे से ज्यादा इस्लामिक चैनल हैं। हालांकि इसपर कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा लेकिन कुछ केबल ऑपरेटरों ने सोशल मीडिया पर अपना रोष व्यक्त किया है।
एक केबल ऑपरेटर ने पीस टीवी इंग्लिश, पीस टीवी उर्दू, एआरवाय क्यूटीवी, मदनी चैनल, नूर टीवी, आदि जैसे करीब 18 चैनलों का हवाला देते हुए कहा है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि इन चैनलों में हिंसा को प्रोत्साहित करने की क्षमता कैसे है।
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गौरतलब है कि जारी किए गए आर्डर में केबल ऑपरेटरों को एडीसी श्रीनगर के सामने नोटरीकृत एफिडेविट प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि केबल ऑपरेटर यह जमा करने में विफल रहते हैं, तो "सीटीएन (विनियमन) अधिनियम 1995 के प्रावधान के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
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आर्डर में केबल ऑपरेटरों पर आरोप लगाया है कि "श्रीनगर जिले के अधिकार क्षेत्र में अनिश्चित और प्रतिबंधित निजी सेटलाईट चैनलों का प्रसार और संचरण किया जा रहा है”। वहीँ सरकार के इस फैसले को लेकर केबल ऑपरेटरों ने निराशा जताई है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा करीब 30 चैनल ऑफ-एयर करने को कहे हैं जिनमें से आधे से ज्यादा इस्लामिक चैनल हैं। हालांकि इसपर कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा लेकिन कुछ केबल ऑपरेटरों ने सोशल मीडिया पर अपना रोष व्यक्त किया है।
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एक केबल ऑपरेटर ने पीस टीवी इंग्लिश, पीस टीवी उर्दू, एआरवाय क्यूटीवी, मदनी चैनल, नूर टीवी, आदि जैसे करीब 18 चैनलों का हवाला देते हुए कहा है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि इन चैनलों में हिंसा को प्रोत्साहित करने की क्षमता कैसे है।
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गौरतलब है कि जारी किए गए आर्डर में केबल ऑपरेटरों को एडीसी श्रीनगर के सामने नोटरीकृत एफिडेविट प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि केबल ऑपरेटर यह जमा करने में विफल रहते हैं, तो "सीटीएन (विनियमन) अधिनियम 1995 के प्रावधान के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
इन टीवी चैनलों के प्रसारण पर लगेगी रोक
इन टीवी चैनलों के प्रसारण पर लगेगी रोक
राज्य के प्रमुख गृहसचिव आरके गोयल ने आदेश जारी कर पीसी टीवी उर्दू, पीस टीवी इंग्लिश, एआरवाई क्यूटीवी, मदनी चैनल, नूर टीवी, हादी टीवी, पैगाम, हिदायत, सऊदी-अल-सुन्ना अल नवाबियाह, सऊदी-अल-कुरान-अल करीम, सहर, करबला टीवी, एहल-ए-बैयत टीवी, मैसेज टीवी, हम टीवी, एआरवाई डिजिटल एशिया, हम सितारे, एआरवाई जिंदगी, पीटीवी स्पोर्ट्स, एआरवाई म्यूजिक, टीवी वन, एआरवाई मसाला, एआरवाई जौक, ए टीवी, जियो न्यूज, एआरवाई न्यूज एशिया, अब तक न्यूज, वासेब टीवी, 92 न्यूज, दुनिया न्यूज, सामना न्यूज, जियो तेज, एक्सप्रेस न्यूज, एआरवाई न्यूज का प्रसारण बंद करने का निर्देश दिया है।
राज्य के प्रमुख गृहसचिव आरके गोयल ने आदेश जारी कर पीसी टीवी उर्दू, पीस टीवी इंग्लिश, एआरवाई क्यूटीवी, मदनी चैनल, नूर टीवी, हादी टीवी, पैगाम, हिदायत, सऊदी-अल-सुन्ना अल नवाबियाह, सऊदी-अल-कुरान-अल करीम, सहर, करबला टीवी, एहल-ए-बैयत टीवी, मैसेज टीवी, हम टीवी, एआरवाई डिजिटल एशिया, हम सितारे, एआरवाई जिंदगी, पीटीवी स्पोर्ट्स, एआरवाई म्यूजिक, टीवी वन, एआरवाई मसाला, एआरवाई जौक, ए टीवी, जियो न्यूज, एआरवाई न्यूज एशिया, अब तक न्यूज, वासेब टीवी, 92 न्यूज, दुनिया न्यूज, सामना न्यूज, जियो तेज, एक्सप्रेस न्यूज, एआरवाई न्यूज का प्रसारण बंद करने का निर्देश दिया है।