Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu ›   jammu kashmir terrorist weapons left by us army: The weapons left by the US army are reaching the terrorists in the Jammu and Kashmir valley,

Jammu Kashmir News: घाटी में आतंकियों के पास पहुंच रहे हैं अमेरिकी सेना के छोड़े हथियार, बेच रहा है तालिबान

अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 24 Jan 2022 10:34 AM IST
सार

घाटी में सक्रिय पीएफएफ के वायरल वीडियो में आतंकियों के हाथों में दिखे ये हथियार। तालिबान से चीन और आईएसआई खरीद रही अमेरिकी हथियारों को।

Jammu Kashmir:अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की घर वापसी का असर कश्मीर में दिखना शुरू
Jammu Kashmir:अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की घर वापसी का असर कश्मीर में दिखना शुरू - फोटो : iStock
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की घर वापसी का असर कश्मीर में दिखना शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि लौटते समय जो हथियार अमेरिकी सेना अफगानिस्तान छोड़ गई थी, उसे अब तालिबानी बेच रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह हथियार चीन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई खरीद रही है।  आईएसआई इन हथियारों को कश्मीर भेजे जा रहे आतंकियों को दे रही है। इसके संकेत हाल ही में स्थानीय कश्मीरी आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फोर्स (पीएएफएफ) के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से मिले हैं।  



वायरल वीडियो में आतंकियों को अमेरिका निर्मित हथियार और गोला.बारूद का उपयोग करते देखा जा सकता है। इतना ही नहीं आतंकी संगठन ने अपने कुछ आतंकियों की हथियारों के साथ तस्वीरें भी अपलोड की हैं। उनका दावा है कि उन्होंने इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के खिलाफ  हाल ही में पुंछ में हुए हमले में किया है, जिसमें सेना के 9 जवान शहीद हुए थे। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस वीडियो में आतंकियों को एम 249 ऑटोमेटिक राइफल्स, 509 टैक्टिकल गन, एम 1911 पिस्टल और एम4 कार्बाइन असॉल्ट राइफल इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है। इन सभी हथियारों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना भी कर रही है।


जिस समय अमेरिकी सेना अफगानिस्तान छोड़कर वापस लौटी थी तो रक्षा विशेषज्ञों ने संकेत दिए थे कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का असर कश्मीर की स्थिति पर जरूर पड़ेगा। अब जब यह वीडियो वायरल हुआ है तो इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि कश्मीर में आतंकियों को अमेरिका निर्मित अत्याधुनिक हथियार मिल रहे हैं जो अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना द्वारा छोड़े गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सैनिकों ने जब अफगानिस्तान छोड़ा तो 80 मिलियन अमरीकी डालर के हथियार छोड़ गए। इसमें 6 लाख से अधिक अत्याधुनिक छोटे हथियार जैसे राइफल, मशीन गन, पिस्तौल, ग्रेनेड लांचर और आरपीजी हैं। इसके अलावा सर्विलांस इक्विपमेंट, रेडियो सिस्टम, ड्रोन, नाइट विजन गॉगल्स आदि भी इन सब में शामिल हैं।
 
आतंकी संगठन नार्कोटेरर से मिले धन से खरीद रहे हथियार
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान ने अब अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काबुल और उसके आसपास के इलाकों में सभी हथियारों को खुली बिक्री के लिए रख दिया है। इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और चीन ने खरीदा है। पाकिस्तान इसे जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों को प्रदान करता है। 

जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) अनिल गुप्ता ने कहा, एक ऐतिहासिक घटना पड़ोसी अफगानिस्तान में हुई, जब अमेरिका ने अफगान नेशनल आर्मी के हाथों में बड़ी मात्रा में नवीनतम हथियार और गोला बारूद छोड़कर अपने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया। इस उम्मीद के तहत कि वे तालिबान के खिलाफ  खड़े होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अफगान सेना ताश के पत्तों की तरह बिखर गई, जिसके अधिकांश जवानों ने अपनी इकाइयों या पदों को हथियारों के साथ छोड़ दिया। 

ब्रिगेडियर गुप्ता के मुताबिक भारत में सक्रिय आतंकी समूहों के आका नार्कोटेरर से प्राप्त धन का उपयोग इन हथियारों को खरीदने कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसने एक बार फिर कश्मीर में आतंकी समीकरण को बदल कर रख दिया है और दहशतगर्दी की आग तेज होने लगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका निर्मित असॉल्ट राइफल्स का आतंकियों से बरामद होना सुरक्षाबलों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ऐसे हथियार उन आतंकवादियों को बढ़त प्रदान करते हैं।

दो हफ्तों में मारे आतंकियों के पास मिले अमेरिकन हथियार
बता दें, इस वर्ष के शुरूआती दो हफ्तों में ही सुरक्षाबलों द्वारा 14 आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनमें से 6 पाकिस्तानी आतंकी थे। मारे गए आतंकियों के पास से अमेरिका निर्मित घातक एम4 कार्बाइन असॉल्ट राइफलें बरामद की गई थीं। इससे एक बात यह साफ हो जाती है कि आतंकियों के पास ऐसे अत्याधुनिक हथियारों का होना सुरक्षाबलों के लिए एक नई और बड़ी चुनौती है। इसलिए अब भारतीय सेना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी निर्मित सिग सॉयर 716 राइफल्स और सिग सॉयर एमपीएक्स 9 एमएम पिस्तौल मिल रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस देश की पहली ऐसी पुलिस फोर्स बनेगी जिसके पास ऐसे अत्याधुनिक हथियार होंगे जिससे वह और दृढ़ता से आतंकवाद का मुकाबला और उसका सफाया करेगी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00