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Jammu News: मां वैष्णो देवी मार्ग हुआ वीरान, श्रद्धालुओं को यात्रा खुलने का इंतजार
Tue, 09 Sep 2025 02:02 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:02 AM IST
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कटड़ा। मां वैष्णो देवी मार्ग पिछले 14 दिनों से वीरान है। श्रद्धालुओं को यात्रा खुलने का इंतजार है। प्रशासन की टीम मार्ग से मलबा हटाने सहित साफ-सफाई का कार्य कर रही है। 26 अगस्त को भारी बारिश से अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन हादसे में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था।
इस सप्ताह श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अनुमति मिलने के आसार हैं। बाजार, होटल, धर्मशालाएं और यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानें वीरान हैं। घोड़े, पिट्ठू और पालकी मजदूर बेरोजगारी और कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। प्रशासन और एनडीआरएफ भूस्खलन के मलबे को हटाने का कार्य लगातार जारी रखे हुए हैं। मार्ग के कई हिस्सों पर अब भी खतरा बरकरार है जिसके चलते यात्रा खोलने को लेकर कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लंबी अवधि के लिए यात्रा बंद होना बेहद दुर्लभ है। इससे न सिर्फ धार्मिक वातावरण पर असर पड़ा है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। होटल व्यवसायी, रेहड़ी-फड़ी वाले और छोटे व्यापारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या कटड़ा में यात्रा खुलने का इंतजार कर रही है। कई लोग दर्शनी ड्योढ़ी पर जाकर ही माथा टेककर लौटने को मजबूर हैं। देशभर से श्रद्धालु से दर्शनों के लिए कम संख्या में पहुंच रहे हैं जिन्हें होटल एसोसिएशन की तरफ से फ्री सुविधा दी जा रही है और उनका कहना है कि इतनी दूर से मां के बुलावे पर आए हैं। जब मार्ग खुलेगा दर्शन करके घरों को लौटेंगे।
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इस सप्ताह श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अनुमति मिलने के आसार हैं। बाजार, होटल, धर्मशालाएं और यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानें वीरान हैं। घोड़े, पिट्ठू और पालकी मजदूर बेरोजगारी और कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। प्रशासन और एनडीआरएफ भूस्खलन के मलबे को हटाने का कार्य लगातार जारी रखे हुए हैं। मार्ग के कई हिस्सों पर अब भी खतरा बरकरार है जिसके चलते यात्रा खोलने को लेकर कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लंबी अवधि के लिए यात्रा बंद होना बेहद दुर्लभ है। इससे न सिर्फ धार्मिक वातावरण पर असर पड़ा है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। होटल व्यवसायी, रेहड़ी-फड़ी वाले और छोटे व्यापारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या कटड़ा में यात्रा खुलने का इंतजार कर रही है। कई लोग दर्शनी ड्योढ़ी पर जाकर ही माथा टेककर लौटने को मजबूर हैं। देशभर से श्रद्धालु से दर्शनों के लिए कम संख्या में पहुंच रहे हैं जिन्हें होटल एसोसिएशन की तरफ से फ्री सुविधा दी जा रही है और उनका कहना है कि इतनी दूर से मां के बुलावे पर आए हैं। जब मार्ग खुलेगा दर्शन करके घरों को लौटेंगे।
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