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बूढ़ी आंखों से पत्नी को आखिरी बार देखना चाहता था जख्मी किसान, इलाज के दौरान हुई मौत

Sun, 17 Sep 2017 08:22 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Sun, 17 Sep 2017 08:22 PM IST
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The old farmer chunni lal wants to see his injured wife in last with his old eyes
पाक गोलाबारी का निशाना बनें चुन्नी लाल - फोटो : अमर उजाला

पाक की गोलाबारी में घायल पत्नी रतनो देवी की मौत की खबर जैसे ही चुन्नी लाल को पता लगी तो उसकी बूढ़ी आंखों से आंसू बहने लगे। बगल में खड़ा बेटा सुभाष मां की मौत के बाद बुजुर्ग पिता को ढांढस बंधा रहा था। जीएमसी अस्पताल के उसी कमरे में उसकी घायल पत्नी रजनी देवी कराह रही थी।

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पीठ में मोर्टार के छर्रे बुरी तरह से जख्म कर गए थे। आपरेशन कराकर रजनी बस कमरे से निकली ही थी। अपने दोनों बेटों को लेकर सुभाष उसी कमरे से अपनी मां को मुखाग्नि देने के लिए घर के लिए निकल रहा था, लेकिन पिता और पत्नी को उस हाल में कैसे छोड़ कर जाए।
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इस कशमकश में वह कई बार कमरे के चक्कर लगा रहा था। मोर्टार के छर्रों का जितना दर्द चुन्नी लाल को नहीं था, उससे लाख गुना ज्यादा दर्द पत्नी का मौत का था। वह बार-बार बेटे से कहता कि उसे घर ले चल, कम से कम आखिरी बार तेरी मां को तो देख लूं। 

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परिवार के दो सदस्य गोलाबारी के निशाना बने, एक की हई मौत

The old farmer chunni lal wants to see his injured wife in last with his old eyes
गोलाबारी में घायल महिला के मौत के बाद बिखलते परिजन - फोटो : अमर उजाला

पेशे से किसान परिवार प्रशासन से एक ही सवाल कर रहा कि जब दो दिन पहले सीजफायर उल्लंघन शुरू हो चुका था, तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं पहुंचाया गया। क्या बार्डर इलाकों में रहना, उनके लिए इतना घातक हो गया है कि इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़े।

घर के दो सबसे छोटे सदस्य अपनी मां के सिरहाने पर बैठ दादा-दादी को चोटें कैसे लगीं, उनके बारे में पूछ रहे थे। घायल रजनी अपने बेटों को किसी तरह शांत करा रही थी।  गरीब किसान चुन्नी लाल कहता था कि उसे आभास हो गया था कि पाकिस्तान लगातार गोलाबारी करता रहेगा।
 

इसलिए सुबह वह कमरे से चिल्लाता हुआ पत्नी और बहू को घर से बाहर जाने से रोकने के लिए भागा, लेकिन इसी दौरान बरामदे में गिरे मोर्टार ने पूरे परिवार को जख्म दे दिया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गरीब परिवार की मदद की जाए और उचित मुआवजा दिया जाए ताकि परिवार का भरण पोषण हो सके।

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