सियाचीन में शहीद हुए जवानों के शव दिल्ली पहुंचे
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सियाचिन में बर्फीले तूफान में शहीद होने वाले नौ जवानों के शव रविवार देर शाम सियाचिन बेस कैंप से लेह लाए गए। मौसम खराब होने के कारण पिछले छह दिनों से सभी शव बेस कैंप में ही रखे गए थे।
सैन्य प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी के अनुसार सेना की टीम लगातार प्रयास कर रही थी। रविवार दोपहर बाद मौसम थोड़ा सुधरने पर शवों को बेस कैंप से लेह लाया गया है।
सोमवार को शवों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद दिल्ली भेजा दिया गया। जहां से शव उनके पैतृक निवास के लिए भेजे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि तीन फरवरी को सियाचिन में बर्फीला तूफान आने के बाद सैन्य शिविर पर ही बर्फ गिरी थी और दस सैनिक उसमें दब गए थे।
9 फरवरी को बेस कैंप लाए गए थे शव
छह दिन के बाद लांस नायक हनमंथप्पा को जिंदा निकाला गया था (बाद में उनकी मौत हो गई थी), जबकि अन्य नौ जवान बचाए नहीं जा सके थे।
नौ फरवरी से सभी सैनिकों के शव सियाचिन के बेस कैंप लाए गए थे, लेकिन वहां मौसम खराब हो जाने के कारण उन्हें एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका था।
शहीद जवानों में सूबेदार नागेशा टीटी, हवलदार एलुमलाई, लांस हवलदार एस कुमार, लांस नाइक सुधीश, सिपाही महेशा पीएन, सिपाही गणेशन, सिपाही रामा मूर्ति, सिपाही मुश्ताकअहमद और सिपाही (नर्सिंग असिस्टेंट) सूर्यवंशी शामिल हैं।