पुलवामा दोहराने की रची जा रहीं साजिशें?: बीते दिनों से लगातार IED की बरामदगी और विस्फोट; तो इसलिए हताश आतंकी
मंगलवार को अवंतीपोरा के घाट तकुना इलाके में एक आईईडी बरामद की गई। जिसे बाद में बीडीएस टीम की मदद से नष्ट कर दिया गया। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा श्रीनगर हाईवे पर एक और आईईडी बरामद हुई।
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प्रदेश में एक बार फिर आईईडी से पुलवामा दोहराने की साजिशें बढ़ गई हैं। सुरक्षा बलों ने पिछले सात दिनों में कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में सात आईईडी बरामद कर उन्हें नष्ट कर दिया। आतंकी लगातार सुरक्षा काफिलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ये तमाम कोशिशें विफल की गई हैं। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पा रहे। इनकी संख्या भी अब कम है। वे आमने-सामने की लड़ाई कर नुकसान नहीं चाहते। इसलिए आईईडी लगाकर हमले करने का प्रयास कर रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार को अवंतीपोरा के घाट तकुना इलाके में एक आईईडी बरामद की गई। जिसे बाद में बीडीएस टीम की मदद से नष्ट कर दिया गया। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा श्रीनगर हाईवे पर एक और आईईडी बरामद हुई। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि वे राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा किसी भी हमले को अंजाम देने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए कड़ी निगरानी और सतर्कता बढ़ाएंगे। क्षेत्र में गश्त और तलाशी अभियान तेज करें। इसी के तहत सुरक्षाबलों की बढ़ाई गई निगरानी के चलते आईईडी बरामद हुई हैं।
हताश हैं आतंकी संगठन
आतंकियों के पास कश्मीर में गिने चुने आतंकी हैं। स्थानीय स्तर पर देखें तो आतंकी भर्ती भी नहीं कर पा रहे। लेकिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए हमले तो करने हैं। इसलिए आईईडी से हमला करना साफ्ट टारगेट है। इस वजह से आईईडी लगाकर हमले करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन एजेंसियां अलर्ट हैं। ये एक अच्छा संकेत है। -एसपी वैद, पूर्व डीजीपी
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बड़ा हमला नहीं कर पाएंगे
बेशक आईईडी लगाकर हमले करने का प्रयास किया जा रहा हो, लेकिन आतंकी संगठन अब पुलवामा दोहराने का प्रयास नहीं करेंगे। क्योंकि अपनी मौजूदगी का एहसास कराना है, इसलिए ऐसी कोशिशें कर रहे हैं। -विजय सागर, पूर्व ब्रिगेडियर
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