Terrorist Talib: लकड़हारा से पत्रकार... फिर भाजपा में आया लश्कर कमांडर तालिब हुसैन
आतंकी तालिब हुसैन पाकिस्तान भागने की फिराक में था। सीमा पार से ड्रोन से आने वाले हथियार भी हासिल करता था। हथियारों के साथ हर बार 1 लाख रुपये भी आते थे। पकड़े जाने से चार दिन पहले पत्नी ने दिया था बेटी को जन्म।
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लश्कर-ए-तैयबा आतंकी कमांडर तालिब हुसैन एक समय जंगल से लकड़ी काटता था, लेकिन धीरे धीरे वह आतंक का कमांडर बन गया। पूछताछ में तालिब ने कई खुलासे किए हैं। इससे पता चला है कि वह पाकिस्तान भागने की फिराक में था। यहां उसे एक बड़ी जिम्मेदारी दी जानी थी। बताया जा रहा है कि जिस दिन आतंकी तालिब को पकड़ा। उसके ठीक 4 दिन पहले ही उसकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया था।
जानकारी के अनुसार आतंकी तालिब हुसैन राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी से ड्रोन से आने वाले हथियार और गोला बारूद की खेप प्राप्त करता था। इन हथियारों को वह कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और शोपियां में सक्रिय लश्कर आतंकियों तक पहुंचाता था।
टारगेट किलिंग में आतंकियों को हथियार पहुंचाए
कश्मीर में कई टारगेट किलिंग में शामिल हाइब्रिड आतंकियों को वह पिस्टल पहुंचा चुका था, जिसे उसने सीमा पार से आई खेप में बरामद किया था। यह भी बताया जा रहा है कि हथियारों की खेप जब आती थी तो उसके साथ एक लाख रुपये का पैकेट भी होता था। इन पैसों को तालिब अपनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता था।
आतंकी तालिब अपने साथ काम करने वाले ओजी वर्करों की मदद से ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले हथियारों को लेने जाता था। अब तक वह सीमा पार से आने वाली 7 खेप बरामद कर चुका है। सीमा पार से ही इसे स्टिकी बम भी मिलते थे। राजोरी के कोटरंका में हमला करने के लिए बम भी सीमा पार से आए थे।
तालिब पाकिस्तान में बैठे आतंकी सलमान के संपर्क में था
आतंकी तालिब करीब 2 साल पहले कश्मीर से ऑपरेट होने वाले व्हाटसएप ग्रुप में शामिल हुआ। यहां से उसका संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से हुआ। वह हैंडलरों से सिगनल, डिब, डार्क एप के जरिए बात करता था। जिस वक्त आतंकी पकड़ा गया, उस समय भी उसकी बात पाकिस्तानी हैंडलरों से हो रही थी। पकड़े जाने के पहले उसे गुलाबगढ़ जाना था। इसके बाद कुलगाम और इसके बाद वह पाकिस्तान में जाने वाला था। तालिब पाकिस्तान में बैठे आतंकी सलमान के संपर्क में था और वहीं उसको टारगेट देता था।
हैंडलरों के कहने पर भाजपा में शामिल हुआ
सूत्रों का कहना है कि तालिब को पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों ने ही टारगेट दिया था कि वह भाजपा में शामिल हो जाए और उनके नेताओं की जानकारी ले, ताकि उनके नेताओं पर आतंकी हमले किए जाएं। इसी के लिए पहले मीडिया का सहारा लिया और फिर पार्टी से जुड़ गया।
तालिब को सदस्यता मामले में भाजपा एसटी मोर्चा के अध्यक्ष पर कार्रवाई संभव
आतंकवादी तालिब हुसैन को भाजपा की एसटी मोर्चा में सदस्यता मामले में मोर्चा के अध्यक्ष शेख बशीर पर भाजपा की अनुशासन समिति कड़ा फैसला ले सकती है। समिति ने इस संबंध में एसटी मोर्चा के अध्यक्ष शेख बशीर को नोटिस जारी कर 48 घंटे में अपनी स्थिति साफ करने को कहा है।
समिति के सूत्रों के अनुसार शेख बशीर के पक्ष को जानने के बाद अनुशासन समिति मामले में अपना फैसला लेगी और कार्रवाई के लिए प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट भेजेगी। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा नेतृत्व ने लश्कर के आतंकवादी तालिब के भाजपा एसटी मोर्चा की सदस्यता के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है।
ऐसे में प्रदेश नेतृत्व इस मसले पर कड़ी कार्रवाई कर प्रदेश के सभी मोर्चां व प्राकोष्ठों के नेताओं को कड़ा संदेश दे सकता है। उल्लेखनीय है कि रियासी में स्थानीय लोगों ने दो आतंकवादियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
उनमें से एक तालिब हुसैन के भाजपा एसटी मोर्चा का सदस्य और आईटी सेल का प्रभारी होने का मसला खूब गर्माया हुआ है। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना व अन्य नेताओं ने पत्रकार वार्ता कर साफ कर दिया था कि तालिब से भाजना का कोई लेना देना नहीं है और वह पार्टी का सक्रिय सदस्य भी नहीं है।