अब जम्मू इंटरनेशनल बार्डर पर आतंकियों की नजर
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पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर में भी सुरक्षा को पुख्ता कर दिया गया है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेशनल बार्डर पर है, यहां घुसपैठ की बड़ी कोशिश की साजिशें रची जा रही हैं।
खासकर गणतंत्र दिवस को लेकर आतंकी हर हाल में घुसपैठ कर 26 जनवरी के आयोजनों में खलल डालना चाहते हैं। दरअसल, रियासत में कश्मीर संभाग में एलओसी से आतंकी घुसपैठ करते हैं।
इनमें शोपियां, कुपवाड़ा, बारामुला, जिले शामिल हैं, लेकिन सर्दियों में इन जिलों में बर्फबारी होने से आतंकियों के घुसपैठ के रास्ते बंद हो गए हैं। इसलिए अब आतंकी इंटरनेशनल बार्डर से घुसपैठ करना चाहते हैं।
इसके लिए जम्मू, सांबा, कठुआ जिलों को टारगेट करने की रणनीति बनाई गई है, लेकिन यहां आईबी पर भी कड़ी सुरक्षा से आतंकियों ने पंजाब के बार्डर को चुना और घुसपैठ कर हमला कर दिया। पंजाब की तुलना में जम्मू कश्मीर की आईबी पर बीएसएफ की तैनाती ज्यादा है।
एलओसी पर भी सतर्कता बढ़ी
कश्मीर की एलओसी पर बर्फबारी के बाद आतंकियों का मुख्य टारगेट आईबी है, लेकिन इसके साथ जम्मू संभाग की एलओसी पर भी घुसपैठ की कोशिश की जा सकती है, क्योंकि राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी पर बर्फबारी नहीं होती।
पुंछ के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए तो नौशेरा, कृष्णा घाटी, केरी, सुंदरबनी, साब्जियां, मंडी, चक्का दा बाग, आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जहां से आतंकियों की घुसपैठ हो सकती है।
आईबी के पास हुए बड़े हमले
28 नवंबर 2014 : अरनिया, कठार, चार आतंकी मारे गए, चार जवान शहीद, पांच नागरिक मारे गए
5 अगस्त 2015 : उधमपुर में दो बीएसएफ जवान शहीद, एक आतंकी ढेर, एक जिंदा पकड़ा
20 मार्च 2015 : हीरानगर, तीन पुलिस कर्मी शहीद, दो आतंकी ढेर, दो नागरिक मारे गए
21 मार्च 2015 : सांबा के सैन्य कैंप पर हमला, दो आतंकी मारे गए
27 जुलाई 2015 : गुरदासपुर, दीनानगर, चार पुलिस कर्मी शहीद, तीन नागरिक मारे गए, तीन आतंकी ढेर