सोपोर और बडगाम के बाद शोपियां में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ध्वस्त किया आतंकी ठिकाना
जम्मू-कश्मीर में आतंक के सफाए के लिए सुरक्षाबलों द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। आतंकियों को ढेर करना हो, उनके मददगारों को पकड़ना हो या आतंकी ठिकानों का पता लगाकर उन्हें ध्वस्त करना हो, इन सभी ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को व्यापक पैमाने पर सफलता मिल रही है।
इसी क्रम में सुरक्षाबलों ने शोपियां जिले के यारवान क्षेत्र में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन को सेना की 62-राष्ट्रीय राइफल्स और शोपियां पुलिस ने अंजाम दिया है। आतंकी ठिकाने से हथियार और गोलाबारूद के साथ ही अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद हुई हैं।
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वहीं जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो दहशतगर्द ढेर कर दिए गए हैं। सेना की 22-आरआर, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम अंजाम दिया। इसी के साथ इस साल अबतक 110 आतंकियों का सफाया हो गया है। वहीं, इस महीने सबसे अधिक 35 आतंकी मारे गए हैं।
| माह | मारे गए आतंकवादी |
|---|---|
| जनवरी | 18 |
| फरवरी | 07 |
| मार्च | 07 |
| अप्रैल | 28 |
| मई | 15 |
| जून | 35 |
| मारे गए कुल आतंकवादी | 110 |
बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में दो से तीन आतंकी मौजूद हैं। इस सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी करनी शुरू की। इस दौरान खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी।
इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने भी मोर्चा संभाला। कई घंटे तक चली मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों ने सफलता पाई। मारे गए आतंकियों के पास से दो एके-47 बरामद हुई हैं।
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उधर जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों ने आज ही लश्कर के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। जिसमें आतंकियों के पांच मददगार गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से गोलाबारूद और कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आतंकियों के इन मददगारों की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे होने की भी संभावना है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि नरबल इलाके में आतंकियों के मददगार मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस और सेना की 2-राष्ट्रीय राइफल्स ने तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों के पांच मददगारों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
इनके पास से एके-47 के 28 कारतूस, एके-47 की एक मगजीन और लश्कर-ए-तैयबा के 20 पोस्टर मिले हैं। इसके साथ ही कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पकड़े गए आतंकियों के मददगारों की पहचान इमरान राशिद, इफ्शान अहमद गनई, ओवैस अहमद, मोहसिन कादिर और आबिद राथर के रूप में हुई है। यह समूह आतंकी संगठन लश्कर के सक्रिय आतंकवादियों को रसद, समर्थन और आश्रय प्रदान करने में शामिल था। साथ ही पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में सक्रिय था।